शनिवार, 08 जनवरी, 2005 को 21:19 GMT तक के समाचार
सूनामी प्रभावित इलाकों के दौरे पर निकले भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पोर्ट ब्लेयर में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के लिए 200 करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की है.
उन्होंने ये भी घोषणा की है कि सरकार एक वैज्ञानिक समिति का गठन करेगी जो इस द्वीप समूह के आसपास भूकंप विज्ञान और समुद्री लहरों का अध्ययन करेगी.
इसके बाद वहाँ से प्रभावित लोगों को किसी और जगह बसाने के बारे में फ़ैसला किया जाएगा.
अंतरराष्ट्रीय मदद
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि फ़िलहाल भारत को विदेशी मदद की कोई ज़रूरत नहीं है लेकिन यदि ज़रूरत पड़ी तो पीड़ितों को पुन: बसाने के बारे में मदद ली जाएगी.
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से मदद लेने की बात पर भी द्वार खुले रखने का संकेत दिया.
वे कई राहत शिविरों में गए और कई लोगों ने उन्हें अपनी आप-बीती सुनाई.
लोगों ने उन तक पहुँचाई गई राहत को अपर्याप्त भी बताया.
प्रधानमंत्री के साथ योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया भी है.
जकार्ता सम्मेलन
उधर विदेश मंत्री नटवर सिंह जकार्ता में सूनामी प्रभावितों की मदद के लिए आयोजित सम्मेलन में हिस्सा लेकर वापस लौट आए हैं.
नटवर सिंह ने बीबीसी को बताया कि जकार्ता सम्मेलन भारत के लिए काफी सफल रहा है.
नटवर सिंह के अनुसार प्रभावित होने के बावजूद भारत ने सूनामी संकट के दौरान जिस तरह से अन्य देशों की मदद की उसे जकार्ता सम्मेलन में सराहा गया.