गुरुवार, 06 जनवरी, 2005 को 10:29 GMT तक के समाचार
अदनान आदिल
लाहौर से
पाकिस्तान की जेल में बंद 266 भारतीय मछुआरों को रिहा कर दिया गया है.
इन मछुआरों को लाहौर की कोट लखपत जेल से रिहा किया गया जहाँ से वे वाघा होते हुए भारत में दाख़िल हुए.
इन मछुआरों को पहले कराची की जेल में रखा गया था लेकिन उन्हें सड़क सीमा के ज़रिए भारत भेजने के उद्देश्य से लाहौर की जेल में एक सप्ताह पहले स्थानांतरित किया गया था.
इन्हें एक वर्ष पहले पाकिस्तान की समुद्री सीमा में घुसने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.
इनमें से 28 नाबालिग़ लड़के भी शामिल हैं जिन्होंने एक वर्ष पाकिस्तान की जेल में गुज़ारे हैं.
इनमें से ज़्यादातर मछुआरों का ताल्लुक़ गुजरात के तटवर्ती इलाक़ों से है.
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि पाकिस्तान की अलग-अलग जेलों में इस समय लगभग 600 भारतीय मछुआरे बंद हैं.
विवाद
इन मछुआरों का कहना है कि उनकी नावें और जाल ज़ब्त कर लिए गए हैं, उनका सारा सामान अभी भी कराची में पड़ा है.
इन मछुआरों की माँग थी कि उन्होंने उसी रास्ते से वापस जाने दिया जाए जिससे वे पाकिस्तान में पहुँचे थे ताकि वे अपने नाव वापस ले जा सकें.
पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनकी यह माँग नहीं मानी, इन मछुआरों का कहना है कि वे रिहा तो हो गए हैं लेकिन उनकी रोज़ी-रोटी का ठिकाना नहीं है.
इन मछुआरों की नावें और बाक़ी सामान उन्हें कब मिलेगा इस बारे पाकिस्तान सरकार ने अभी तक कुछ नहीं कहा है.