मंगलवार, 04 जनवरी, 2005 को 11:32 GMT तक के समाचार
भारत में सूनामी से सबसे ज़्यादा प्रभावित अंडमान निकोबार द्वीप समूह में खाना और पानी गिरा रहे हेलिकॉप्टर पर जनजातीय लोगों ने तीर-कमान से हमला किया.
पहले ये आशंका व्यक्त की जा रही थी कि सूनामी लहरों के कारण कई जनजातीय समूह नष्ट हो गए हैं. अब अधिकारियों का कहना है कि हेलिकॉप्टर पर हुए हमले से साबित होता है कि ये लोग अभी ज़िंदा हैं.
अंडमान में आधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या छह हज़ार बताई जा रही है लेकिन हज़ारों लोग अभी भी लापता हैं.
दूसरी ओर मंगलवार को अंडमान में भूकंप का तगड़ा झटका महसूस किया गया. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता सात मापी गई.
झटकों के कारण लोग घर से बाहर निकल आए और अफरा-तफरी मच गई. लेकिन अभी तक किसी के हताहत होने का समाचार नहीं है.
हमला
भारतीय तटरक्षकों के हेलिकॉप्टर अंडमान निकोबार में काफ़ी कम ऊँचाई पर उड़ रहे थे, जब उन पर तीर-कमान से हमला किया गया.
दर्जनों जनजातीय द्वारा किया गया हमला पारंपरिक रूप से एक चेतावनी है कि इलाक़े में बाहरी लोगों को नहीं आने दिया जाएगा.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हेलिकॉप्टर के चालक दल के सदस्यों को कोई नुक़सान नहीं पहुँचा है.
उन्होंने बताया कि इससे ये भी साबित होता है कि सूनामी लहरों के कारण जनजातियों का अस्तित्त्व ख़त्म नहीं हुआ है.
अंडमान निकोबार में कई जनाजातियाँ रहती हैं. कुछ तो इतने पुराने हैं कि अभी भी वे पाषाण युग में ही रहते हैं.