हिंद महासागर क्षेत्र में आए भयंकर भूकंप और उससे उठी भयंकर लहरों से श्रीलंका, इंडोनेशिया, थाईलैंड और भारत के दक्षिणी हिस्से प्रभावित हुए हैं.
श्रीलंका में कम से कम 150 लोगों की मौत हो गई और भारी माली नुक़सान हुआ है.
भारत के दक्षिणी हिस्सों में कम से कम 26 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.
इंडोनेशिया में कम से कम नौ लोग मारे गए हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि भारत के दक्षिणी राज्य तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में भूकंप के झटके महसूस किए गए.
भूकंप से हिंद महासागर में ऊँची-ऊँची लहरें उठती नज़र आईं जिससे तटीय इलाक़ों में भारी नुक़सान की ख़बरें हैं.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थानीय समय के अनुसार सुबह क़रीब सात बजे लगभग दस मिनट तक भूकंप के झटके महसूस किए गए जिसके बाद समुद्र का जलस्तर बढ़ने लगा.
ऊँची लहरों ने तटीय इलाक़ों में बहुत से घरों को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ स्थानों पर सड़कें भी टूट गईं.
चेन्नई के एक निवासी संजीव शंकरन का कहना था, "समुद्र का मिज़ाज बहुत ख़तरनाक है और जलस्तर बहुत ही नाटकीय ढंग से बढ़ रहा है. जल लहरें पाँच फुट से भी ज़्यादा ऊँचाई तक उठ रही हैं."
संजीव का कहना था कि समुद्र किनारे से क़रीब 40-50 मीटर दूर तक के घर इन लहरों में बह गए और बहुत सी नावें भी तूफ़ान में बह गईं.
देश के पूर्वी हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार थाईलैंड में भी भूकंप का असर हुआ है जिसमें कुछ लोगों के मारे जाने की ख़बरें हैं.
थाईलैंड के फुकेट प्रायद्वीप में कई सैलानियों के बह जाने की ख़बरें हैं.
बांग्लादेश में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.