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शुक्रवार, 24 दिसंबर, 2004 को 17:20 GMT तक के समाचार

मुशर्रफ़ पर हमले में मौत की सज़ा

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर पिछले साल हुए जानलेवा हमले के सिलसिले में एक पाकिस्तानी सैनिक को मौत की सज़ा सुनाई गई है जबकि एक अन्य को 10 साल क़ैद मिली है.

इन दोनों को एक सैनिक अदालत में दोषी ठहराया गया है. माना जा रहा है कि कई सप्ताह पहले सैनिक अदालत में मामले की सुनवाई पूरी हो गई थी.

इन दोनों पर आरोप था कि वे पिछले साल दिसंबर में रावलपिंडी में परवेज़ मुशर्रफ़ पर हुए हमले में शामिल थे.

एक सैनिक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए इतना ही बताया कि ये दोनों निचली रैंकिंग के सैनिक थे लेकिन उन्होंने इनके नाम नहीं जारी किए.

हमला

यह हमला पिछले साल 14 दिसंबर को हुआ था. रावलपिंडी में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के काफ़िले के एक पुल से गुज़रने के बाद ज़बरदस्त धमाका हुआ था. हालाँकि इसमें किसी को चोट नहीं लगी थी.

11 दिन बाद एक अन्य हमले में भी राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को निशाना बनाया गया. यह हमला भी रावलपिंडी में ही हुआ जब दो आत्मघाती हमलावरों ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी टकराकर मुशर्रफ़ के काफ़िले पर हमला किया.

इस आत्मघाती हमले में 17 लोग मारे गए थे. मार्च में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा था कि उन पर हुए हमलों में ओसामा बिन लादेन के अल क़ायदा नेटवर्क का हाथ था.

दोनों सैनिकों को सज़ा देने की घोषणा करते हुए सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल शौकत सुल्तान ने कहा कि इन दोनों को 14 दिसंबर को हुए हमले में शामिल होने की सज़ा दी गई है.

हालाँकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इन दोनों सैनिकों ने हमले में किस तरह की भूमिका निभाई थी.

उन्होंने बताया, "एक को मौत की सज़ा सुनाई गई है और दूसरे को 10 साल की क़ैद हुई है."

अगस्त में पाकिस्तान सरकार ने हमले के बारे में महत्वपूर्ण सूचना देने वालों को क़रीब साढे तीन लाख डॉलर का पुरस्कार देने की घोषणा की थी.