शुक्रवार, 19 नवंबर, 2004 को 16:56 GMT तक के समाचार
भारत के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) ने कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की गिरफ़्तारी का देशव्यापी विरोध करने की घोषणा की है.
पार्टी ने तीन दिनों के देशव्यापी विरोध कार्यक्रम की घोषणा की है.
भाजपा के वरिष्ठ नेता इस मुद्दे पर राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से भी मिले.
पार्टी ने शंकराचार्य की गिरफ़्तारी को हिंदू धर्म पर हमला बताते हुए इसके लिए केंद्र और तमिलनाडु की सरकारों को ज़िम्मेदार ठहराया है.
दिल्ली से बीबीसी संवाददाता नगेन्द्र शर्मा के अनुसार भाजपा के तीन दिवसीय विरोध कार्यक्रम की अगुआई पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी करेंगे.
शंकराचार्य की गिरफ़्तारी के विरोध में आडवाणी शनिवार को दिल्ली में दिन भर उपवास रखेंगे.
रविवार को उपवास रखने की बारी पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी की होगी, जबकि सोमवार को जसवंत सिंह उपवास रखेंगे.
तीनों दिन देश के विभिन्न हिस्से में भाजपा कार्यकर्ता धरना और प्रदर्शन करेंगे.
'चिंता की बात'
शुक्रवार को आडवाणी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ राष्ट्रपति से मिले.
इन नेताओं ने राष्ट्रपति कलाम को शंकराचार्य की गिरफ़्तारी के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा.
इस मुलाक़ात के बाद आडवाणी ने पत्रकारों से कहा, "शंकराचार्य को जिस तरह से गिरफ़्तार किया गया वह चिंता की बात है."
हालाँकि उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा शंकराचार्य के ख़िलाफ़ मामले पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दे रही है.
आडवाणी ने ऐसे मामलों में नए दिशानिर्देश बनाने की ज़रूरत बताई कि धार्मिक नेताओं के साथ किस तरह पेश आया जाए.
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार वाजपेयी ने शंकराचार्य की गिरफ़्तारी के बारे में कहा, "आरोप साबित हुए बिना शंकराचार्य के साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया जा रहा है."
भाजपा नेताओं ने शंकराचार्य को पुलिस हिरासत में भेजे जाने की भी निंदा की है.
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को कांचीपुरम की एक अदालत ने शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.