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बुधवार, 17 नवंबर, 2004 को 04:30 GMT तक के समाचार

सुनील रामन
बीबीसी संवाददाता , दक्षिण भारत

शंकराचार्य की ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई

हत्या के आरोप में गिरफ़्तार कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की ज़मानत याचिका पर मद्रास हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई होनी है.

अदालत ने ज़मानत याचिका पर शनिवार को सुनवाई रोक दी थी और कहा था कि इस पर बुधवार को सुनवाई होगी.

कांची शंकराचार्य के मामले की पैरवी प्रख्यात वकील राम जेठमलानी कर रहे हैं.

समझा जा रहा है कि उनके स्वास्थ्य और उनके पूजा करने की व्यवस्था को आधार बनाकर ज़मानत की अपील की जाएगी.

पेशी के आदेश

इससे पहले कांचीपुरम के एक न्यायिक दंडाधिकारी ने तमिलनाडु पुलिस को ये आदेश दिया था कि शंकराचार्य को 18 नवंबर को अदालत में पेश किया जाए.

कांचीपुरम शहर के मजिस्ट्रेट ने कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को गुरूवार को अदालत में पेश करने के आदेश दिए हैं.

अदालत ने मंगलवार को जयेंद्र सरस्वती को पुलिस हिरासत में लिए जाने की तमिलनाडु पुलिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि फ़ैसले से पहले से वो चाहेंगे कि शंकराचार्य अदालत में पेश हों.

कांची के शंकराचार्य को पिछले हफ़्ते गिरफ़्तार किया गया था.

उन पर अपने ही मंदिर के एक कर्मचारी की हत्या में शामिल होने का आरोप है.

गिरफ़्तारी के बाद उन्हें 26 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.

उत्तराधिकारी

इस बीच मंगलवार को जयेंद्र सरस्वती के स्थान पर विजयेंद्र सरस्वती ने कांची के मठ का कामकाज संभाला लेकिन उन्होंने जयेंद्र सरस्वती की ज़मानत संबंधी बातों पर कुछ भी नहीं कहा और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.

पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता मुरली मनोहर जोशी ने भी मंगलवार को जेल में बंद शंकराचार्य जयेंद्र से मुलाक़ात की.

मुलाक़ात के बाद जोशी ने संवाददाताओं से कहा कि पुलिस शंकराचार्य के साथ आम क़ैदियों जैसा बर्ताव कर रही है.

उन्होंने कहा कि शंकराचार्य पुलिस से सहयोग करने को तैयार हैं इसलिए उन्हें रिहा किया जाना चाहिए.

पूर्व रक्षा मंत्री जार्ज फर्नाडिस ने भी शंकराचार्य से मुलाक़ात की और इस गिरफ़्तारी को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया.

कांचीपुरम शहर पर इस घटना का कोई ख़ास प्रभाव नहीं पड़ा है.

हालाँकि वहाँ भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.