रविवार, 07 नवंबर, 2004 को 22:52 GMT तक के समाचार
भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि वह कश्मीर में अलगाववादियों के साथ बातचीत शुरू करने की उसकी योजना को नाकाम करने की कोशिश कर रहा है.
भारत में गृह मंत्रालय की ओर से इस बारे में एक औपचारिक बयान जारी किया गया.
मंत्रालय का कहना है कि इसके संकेत मिले हैं कि पाकिस्तान अलगाववादियों पर इस बात के लिए दबाव डाल रहा है कि वे सरकार के साथ बातचीत में उस समय तक हिस्सा न लें जब तक पाकिस्तान को भी बातचीत में शामिल न किया जाए.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत के आरोपों को ठुकरा दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान ऐसा नहीं कर रहा.
हालाँकि उन्होंने पाकिस्तान का पुराना पक्ष दोहराया कि कश्मीर के भविष्य पर होने वाली किसी भी बातचीत में उसे भी शामिल किया जाना चाहिए.
बयान
बीबीसी के साथ बातचीत में मसूद ख़ान ने कहा, "हम किसी हुर्रियत के नेता पर दबाव नहीं डाल रहे. दरअसल जब वाजपेयी सरकार के कार्यकाल के दौरान कश्मीरी नेताओं के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई थी तो पाकिस्तान ने इस पर कोई आपत्ति भी नहीं व्यक्त की थी."
उन्होंने कहा कि मीर वाइज़ उमर फ़ारूक़ जैसे कई नेता ख़ुद ये बयान दे चुके हैं कि जब तक बातचीत में पाकिस्तान को शामिल नहीं किया जाता, कोई नतीजा नहीं निकल सकता.
भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर के मुद्दे पर बयानबाज़ी ऐसे समय हो रही है जब भारत के गृह मंत्री शिवराज पाटिल कश्मीर के दौरे पर हैं.
पाटिल ने कश्मीर यात्रा के दौरान ही यह बयान दिया है कि केंद्र सरकार अलगाववादियों के पाकिस्तान जाने के बारे में लचीला रुख़ अपनाने को तैयार है.
लेकिन गृह मंत्री की ग़ैर मौजूदगी में गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान से उनकी अलगाववादियों को मनाने की कोशिशों को धक्का लग सकता है.
गृह मंत्रालय के बयान में पाकिस्तान पर सीधे आरोप लगाया है कि भारत सरकार और हुर्रियत काँफ़्रेंस के बीच बातचीत न होने देने के पीछे उसी का हाथ है.
बयान में कहा गया है कि भारत सरकार ने हुर्रियत के साथ बातचीत के लिए प्रतिबद्धता जताई है लेकिन हुर्रियत के नेता इसके लिए सामने नहीं आए हैं.