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शुक्रवार, 22 अक्तूबर, 2004 को 08:30 GMT तक के समाचार

वीरप्पन के ख़ज़ाने की खोज

वीरप्पन के मारे जाने के बाद विवाद तो चल ही रहे हैं अब उनके ख़ज़ाने की खोज भी लोगों ने शुरू कर दी है.

लोगों ने तमिलनाडु और कर्नाटक के जंगलों की खाक छाननी शुरू कर दी है जिन इलाक़ों में वीरप्पन की सक्रियता थी.

दोनों राज्यों की पुलिस ने जनता से अनुरोध किया है कि वे घने जंगलों में इस तरह नहीं भटकें क्योंकि ऐसा करना ख़तरे से ख़ाली नहीं है.

लोगों का मानना है कि वीरप्पन ने जंगल में पेड़ों के कोटरों और गुफाओं में तस्करी की कमाई के करोड़ों रूपए छिपे रखे हैं, उसने कई लोगों से फिरौती के तौर पर मोटी रक़म वसूल की थी.

पुलिस अभी तक वीरप्पन की काली कमाई का एक रूपया भी बरामद नहीं कर पाई है इसलिए लोगों को उम्मीद है कि माल जंगल में ही कहीं छिपा है, फ़िलहाल पुलिस ने वीरप्पन की पत्नी मुथुलक्ष्मी का बैंक खाता सील कर दिया है.

अधिकारियों का कहना है कि बुधवार को वीरप्पन के अंतिम संस्कार के बाद ही लोग फावड़ा लेकर जंगल की तरफ़ रवाना होने लगे.

तमिलनाडु के एक प्रशासनिक अधिकारी यू रवींद्रन ने बताया, "हमने वीरप्पन के ख़ज़ाने की खोज में जाने वाले लोगों के झुंड को देखा है, जब कुछ हाथ नहीं आएगा तो उनका जोश धीरे-धीरे ठंडा पड़ जाएगा."

चेतावनी

कर्नाटक के पुलिस प्रमुख एसएन बोरकर ने जंगल में ख़जाने की तलाश में जाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की चेतावनी दे डाली है.

उन्होंने कहा, "हम ऐसे लोगों पर नज़र रख रहे हैं जो खज़ाना ढूँढ रहे हैं, अगर उनके हाथ कुछ लगा तो हम माल ज़ब्त करके सरकारी ख़ज़ाने में जमा करा देंगे."

स्थानीय लोगों का कहना है कि वीरप्पन लगभग पूरी ज़िंदगी जंगल में रहा और तस्करी से उसने करोड़ो रूपए कमाए, किसी भी तरह से वह इतनी रक़म ख़र्च नहीं कर सकता था और ख़ज़ाना ज़रूर कहीं छिपा रखा है.

फ़िल्म स्टार राजकुमार के अपहरण के काफ़ी समय बाद कर्नाटक के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया था कि वीरप्पन को फिरौती के तौर पर तीन करोड़ रूपए दिए गए थे, लेकिन कर्नाटक सरकार वीरप्पन को फिरौती दिए जाने की बात से इनकार करती रही है.

इसके अलावा, लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में हाथी दाँत और क़ीमती चंदन की लकड़ियाँ भी वीरप्पन ने जंगल में कहीं छिपाकर रखी होंगी.

लेकिन सत्यमंगल के जंगल छह हज़ार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले हैं और वहाँ कुछ भी ढूँढना कोई आसान काम काम नहीं है.