गुरुवार, 21 अक्तूबर, 2004 को 22:43 GMT तक के समाचार
भारत सरकार पूर्वोत्तर राज्य असम में हिंसा ख़त्म करने के लिए अलगाववादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ़्रंट ऑफ़ बोडोलैंड यानी एनडीएफ़बी के साथ बातचीत को तैयार हो गई है.
एनडीएफ़बी के साथ बातचीत में राज्य सरकार भी शामिल रहेगी.
केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा, "जो हिंसा छोड़ने को राज़ी है उनसे हम बातचीत करने के लिए तैयार हैं."
इस महीने की शुरुआत में असम में हुए हमलों में 37 लोग मारे गए थे. असम में 18 वर्षों से जारी अलगाववादी हिंसा में हज़ारों लोग मारे गए है.
मुलाक़ात
गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने ये घोषणा असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगई से मुलाक़ात के बाद की.
इस मौक़े पर मौजूद मुख्यमंत्री तरूण गोगई ने कहा, "हम बोडो चरमपंथियों को मुख्यधारा में लाने के पक्ष में है. अगर कोई अपनी ग़लतियों का एहसास कर बातचीत के लिए आगे आएगा तो उसका स्वागत किया जाएगा.’
एनडीएफ़बी इस महीने बातचीत के लिए राज़ी हो गया था और अब बैठक का एजेंडा तैयार किया जाएगा.
असम में हाल में हुए ख़ून-ख़राबे के लिए यूनाइटेड लिबरेशन फ़्रंट ऑफ़ असम (उल्फ़ा) के साथ-साथ एनडीएफ़बी को भी ज़िम्मेदार माना गया था.
इसी दौरान पड़ोसी राज्य नगालैंड में भी कई हमले हुए थे जिनमें 36 लोग मारे गए थे.