रविवार, 26 सितंबर, 2004 को 19:14 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान का कहना है कि उसके सुरक्षा बलों ने अल क़ायदा संगठन के एक प्रमुख नेता को दक्षिणी सिंध प्रांत में मार दिया है.
पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद का कहना है कि मारे गए चरमपंथी अमजद फ़ारुक़ी की बड़े ज़ोर शोर से तलाश की जा रही थी.
अधिकारियों ने कुछ समय पहले ही फ़ारुक़ी की खोज खबर बताने वाले को दो करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी.
इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता पॉल एंडरसन का कहना है कि पाकिस्तानी अधिकारियों के लिए अल क़ायदा से जुड़ा हुए कोई भी मामला उन्हें अमजद फ़ारूक़ी की ओर ले जाता था.
फ़ारूक़ी का संबंध राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ पर हुए जानलेवा हमलों और अमरीकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या से बताया जा रहा है.
मुशर्रफ़ पर पिछले साल दिसंबर में हमला हुआ था और पर्ल की हत्या वर्ष 2002 में की गई थी.
मुठभेड़
पाकिस्तान सरकार का कहना है कि ख़ुफ़िया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने कराची से पूर्वोत्तर में नवाबशाह नामक इलाक़े में लगभग दो घंटे की मुठभेड़ के बाद अमजद फ़ारुक़ी को मारा.
सुरक्षा बलों को सूचना मिली थी कि अल क़ायदा का एक चरमपंथी अपने कुछ सहयोगियों के साथ वहाँ छुपा है.
पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद ने कहा,"मैं इस बात की पुष्टि करता हूँ कि अमजद फ़ारूक़ी को मार डाला गया है".
कई अन्य लोग गिरफ़्तार भी किए गए हैं मगर उनकी पहचान अभी नहीं बताई गई है.
अमजद फ़ारूक़ी को लीबियाई अल क़ायदा नेता अबू फ़राज अल लिब्बी का नज़दीकी माना जाता है जिन्हें उस क्षेत्र में अल क़ायदा की कार्रवाईयों को रंग-रूप देनेवाला संगठन का सबसे बड़ा नेता माना जाता है.
राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की हत्या की कोशिश में फ़ारुक़ी के साथ ही लिब्बी की भी खोज हो रही है.