बुधवार, 15 सितंबर, 2004 को 11:26 GMT तक के समाचार
जम्मू कश्मीर में प्रमुख अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के एक प्रमुख सहयोगी की हत्या कर दी गई है.
राज्य पुलिस के अनुसार श्रीनगर में बुधवार सुबह कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने पीर हसामुद्दिन के सिर में गोली मार दी जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई.
सैयद अली शाह गिलानी ने एक दिन पहले ही पीर हसामुद्दिन को अपनी पार्टी तहरीके हुर्रियत के राजनीतिक मामलों का प्रभारी बनाया था.
गिलानी ने पिछले महीने ही अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाई थी जो हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उसी धड़े में शामिल है जिसके अध्यक्ष ख़ुद गिलानी हैं.
हसामुद्दिन 1970 से जमाते इस्लामी के एक सक्रिय सदस्य थे.
मगर जमाते इस्लामी ने पिछले वर्ष उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था क्योंकि वे सैयद अली शाह गिलानी का समर्थन कर रहे थे.
मगर हाल ही में जमात ने उनको तहरीके हुर्रियत के लिए काम करने की अनुमति दे दी थी.
उनकी हत्या को सैयद अली शाह गिलानी के लिए एक बड़ा झटका समझा जा रहा है.
तहरीके इंसाफ़ के एक प्रवक्ता ने हसामुद्दिन की हत्या के लिए भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.
मगर अधिकारियों की ओर से अभी कोई बयान नहीं आया है.
समझा जाता है कि गिलानी को चरमपंथी गुटों का समर्थन मिला हुआ है.