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रविवार, 29 अगस्त, 2004 को 16:52 GMT तक के समाचार

नागेंदर शर्मा
बीबीसी हिंदी

'संसद में व्यवहार पर चर्चा करनी चाहिए'

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का कहना है कि संसद में सत्ता और विपक्ष दोनों ही ग़ैरज़िम्मेदाराना ढंग से व्यवहार कर रहे हैं और इस पर गंभीरता से चर्चा करनी चाहिए.

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के नेता राजीव प्रताप रूडी ने कहा था कि संसद का कामकाज चलाना जितनी विपक्ष की ज़िम्मेदारी है उतनी सत्तापक्ष की भी है.

दोनों नेता बीबीसी हिंदी सेवा के विशेष कार्यक्रम 'आपकी बात बीबीसी के साथ' में श्रोताओं के सवालों का जवाब दे रहे थे.

केंद्र की मनमोहन सिंह सरकार के सौ दिन पर बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने आरोप लगाए कि उनकी सरकार के कार्यकाल में मुद्रास्फीति की दर दो प्रतिशत थी जो अब बढ़कर सात प्रतिशत हो गई है.

उन्होंने विकास की दर घटने की भी बात कही.

उनका कहना था कि एनडीए सरकार में विकास हो रहा था और इस सरकार के पास कोई नीति ही नहीं है.

इसके जवाब में कांग्रेस महासचिव और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि महंगाई बढ़ी है लेकिन इसकी वजह एक तो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की कीमतों का बढ़ना है और दूसरे आमतौर पर बारिश के मौसम में क़ीमतें बढ़ती ही हैं.

उनका कहना था कि महंगाई काबू में आ जाएगी.

उन्होंने कहा कि 1991-96 में नरसिंहराव सरकार ने, जिसमें मनमोहन सिंह वित्तमंत्री थे, जो आर्थिक विकास के कार्यक्रम शुरु किए थे उसी का लाभ बाद में मिला जिसका श्रेय एनडीए सरकार लूटना चाहती है.

दागी मंत्रियों का सवाल

दागी मंत्रियों के सवाल पर राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि एक मंत्री के घर पर वारंट चिपकाया जाता रहा, वो संसद से ग़ायब रहे और प्रधानमंत्री जवाब नहीं दे पा रहे थे.

इस पर दिग्विजय सिंह का कहना था कि दागी मंत्रियों के मामले पर भी बात होनी चाहिए क्योंकि जहाँ तक आरोप पत्र का सवाल है तो एनडीए सरकार के उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और कई लोगों के ख़िलाफ़ भी आरोप पत्र थे.

वीर सावरकर के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री मणिशंकर अय्यर के बयान को राजीव प्रताप रूडी ने देश के लिए चिंता की बात कहा तो दिग्विजय सिंह ने कहा कि देश जानता है कि वीर सावरकर ने बाद में ब्रितानी हुकुमत के साथ समझौता करके उससे माफ़ी माँग ली थी और पेंशन भी ली थी.

एक श्रोता के सवाल के जवाब में दिग्विजय सिंह ने बिहार में लालू प्रसाद यादव के साथ मिलकर सरकार चलाने के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि सांप्रदायिकता से निपटना कांग्रेस की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है.

विकास के मुद्दे पर उनका कहना था कि बिहार और उत्तर प्रदेश की स्थिति एक जैसी है और जहाँ तक जनता का सवाल है तो उसने लोकसभा चुनाव में राजद और कांग्रेस गठबंधन को बहुत सी सीटों पर जीत दिलवाई हैं.

कितने प्रधानमंत्री

राजीव प्रताप रूडी ने आरोप लगाया कि कैबिनेट के फ़ैसलों के नोट सोनिया गाँधी को भी भेजे जाते हैं और देश में दो प्रधानमंत्री हो गए हैं.

इसका खंडन करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ़ वही हैं जिन्होंने शपथ ली है और कैबिनेट के नोट सोनिया गाँधी को नहीं भेजे जाते.

उनका कहना था कि भाजपा का चरित्र दोहरा है और पार्टी भ्रम में है असली चेहरा वाजपेयी का है या मोदी, उमा भारती और आडवाणी का.

एक सवाल के जबाव में दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे इस बात से सहमत हैं कि संसद में भी काम नहीं तो वेतन नहीं का नियम लागू कर देना चाहिए.

मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री उमा भारती के सवाल पर राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि राजनीति की वजह से तिरंगा फहराने के मामले का मुकदमा भी कर्नाटक सरकार ने वापस नहीं लिया.

इसके जवाब में दिग्विजय सिंह ने कहा,"रूडी जी को जानकारी नहीं है कि सरकार तो मामला वापस लेना चाहती थी लेकिन अदालत ने इसकी अनुमति नहीं दी." उनका कहना था कि वह मामला तिरंगा फहराने का नहीं था.

दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा तिरंगे का अपमान कर रही है और कांग्रेस इसके ख़िलाफ़ भी अदालत में जाएगी.