बुधवार, 25 अगस्त, 2004 को 11:21 GMT तक के समाचार
नेपाल में सप्ताह भर से चली आ रही नाकेबंदी समाप्त होने के बाद बुधवार को जनजीवन सामान्य नज़र आया.
माओवादी विद्रोहियों ने सप्ताह भर पहले अपनी माँगें मनवाने के लिए राजधानी काठमाँडू और उसके आसपास के कुछ ज़िलों की नाकेबंदी शुरू कर दी थी.
मंगलवार को विद्रोहियों ने यह नाकेबंदी एक महीने के लिए स्थगित करने की घोषणा की थी जिसके बाद बुधवार को राजधानी काठमाँडू में सामान्य गतिविधियाँ और यातायात नज़र आया.
माओवादी विद्रोहियों ने मंगलवार को कहा था कि उन्होंने मानवाधिकार संगठनों, व्यावसायिक समुदाय और प्रबुद्ध नागरिकों के अनुरोध पर यह नाकेबंदी स्थगित कर रहे हैं.
विद्रोहियों की तरफ़ से कहा गया था कि अगर उनकी माँगें नहीं मानी गईं तो वे इससे बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे.
सामान्य
नाकेबंदी हटने के बाद लोग बसों और ट्रकों पर सवार होकर काम के लिए जाते नज़र आए.
एक सरकारी कर्मचारी सूर्या गुरुंग का कहना था, "काम पर जाने के लिए मुझे हफ़्ते भर इंतज़ार करना पड़ा. अब मैं अपने परिवार के साथ बस में सुरक्षित सफ़र की उम्मीद कर सकता हूँ."
आम जन को यह नाकेबंदी हटने से वाक़ई बड़ी राहत मिली है.
कुछ लोगों का कहना था कि विद्रोहियों को इस तरह की नाकेबंदी से बचना चाहिए क्योंकि इससे आम लोगों को परेशानी होती है और इस तरह वे उनकी सहानुभूति खो सकते हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि नाकेबंदी हटाना एक तरह से विद्रोहियों के लिए अच्छा क़दम रहा है क्योंकि उनके पास कोई और चारा नहीं बचा था.
एक मानवाधिकार कार्यकर्ता कपिल श्रेष्ठ का कहना था कि नाकेबंदी करना माओवादियों के लिए एक ख़तरनाक रणनीति साबित हो रही थी क्योंकि इसके ज़रिए उन्होंने आम लोगों को एक तरह से नाराज़ ही किया.
कुछ अन्य विश्लेषकों का कहना है कि नाकेबंदी एक महीने के लिए स्थगित किए जाने से सरकार को विद्रोहियों के साथ बातचीत शुरू करने के के बारे में सोचने के लिए कुछ और समय मिल जाएगा.