रविवार, 22 अगस्त, 2004 को 07:42 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश में शनिवार को विपक्ष की एक रैली के दौरान हुए हमलों के बाद जगह-जगह व्यापक विरोध हो रहे हैं जिससे जन-जीवन ठप पड़ गया है.
प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर वाहनों में आग लगा दी है और भैरब ज़िले में एक सवारी रेलगाड़ी को भी जला दिया.
ये प्रदर्शन शनिवार को राजधानी ढाका में विपक्षी पार्टी अवामी लीग की रैली पर हुए हमले के बाद शुरू हुए हैं.
इस रैली में कई हथगोले फटने से 18 लोगों की जान चली गई थी और लगभग 300 लोग घायल हो गए.
ये विस्फोट अवामी लीग के मुख्यालय के बाहर हुआ और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और पार्टी प्रमुख शेख़ हसीना हमले में बाल-बाल बच गईं.
आरोप और जाँच
शेख़ हसीना ने हमले के लिए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है और कहा है कि ये उन्हें जान से मारने की एक कोशिश थी.
उन्होंने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री बेग़म ख़ालिदा ज़िया से इस्तीफ़ा देने को कहा है.
प्रधानमंत्री बेगम खालिदा ज़िया ने हमले को 'कायरतापूर्ण कार्रवाई' बताते हुए जल्दी जाँच कराने का वायदा किया है.
अभी तक किसी ने भी इन विस्फोटों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है.
मगर विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे हथगोलों से विस्फोट हुआ वैसे हथगोले सेना में प्रयोग में लाए जाते हैं.
विरोध और प्रदर्शन
शनिवार के हमले के बाद, रात से ही सारे बांग्लादेश में धरने-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.
प्रदर्शनकारियों ने चटगाँव और ढाका के बीच चलनेवाली एक सवारी गाड़ी में आग लगा दी.
पुलिस को यहाँ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोलियाँ चलानी पड़ीं जिसमें लगभग 20 लोग घायल हो गए.
ढाका में रविवार को छुट्टी नहीं होती मगर इसके बावजूद वहाँ सड़कें सुनसान रहीं.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा बलों को चौकस कर दिया गया है.
हड़ताल
ढाका से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि आनेवाले दिनों में बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिति और संवेदनशील हो सकती है.
विपक्ष सोमवार को सारे देश में विरोध आयोजित करने की योजना बना रहा है.
इसके बाद मंगलवार और बुधवार को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है.
ढाका विश्वविद्यालय में रविवार को छात्रों ने रैलियाँ निकालीं और पूरे देश में सभी शैक्षणिक संस्थानों में अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया.