शनिवार, 14 अगस्त, 2004 को 17:31 GMT तक के समाचार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह को क़ानूनी नोटिस जारी कर उनसे 'बिना शर्त लिखित माफ़ी' माँगने को कहा है.
आरएसएस के प्रवक्ता राम माधव का कहना है कि अर्जुन सिंह ने संघ को महात्मा गाँधी की हत्या का ज़िम्मेदार ठहराया था जिसके लिए उन्हें माफ़ी माँगनी होगी.
राम माधव ने बीबीसी से बातचीत में जानकारी दी कि तीन पन्ने के नोटिस में अर्जुन सिंह से लिखित तौर पर वादा करने को कहा गया है कि वे भविष्य में आरएसएस के बारे में ऐसी 'दुस्साहसिक टिप्पणियाँ' नहीं करेंगे.
प्रवक्ता ने कहा, "अगर अर्जुन सिंह बिना शर्त माफ़ी नहीं माँगते तो उनके ख़िलाफ़ मानहानि का आपराधिक मुक़दमा दायर किया जाएगा."
इसके जवाब में मानव संसाधन विकास मंत्री ने इंदौर में समाचार एजेंसी पीटाआई से कहा, "मैंने तो उन्हें पहले ही चुनौती दी थी कि जो हो सके कर लें."
अर्जुन सिंह ने कहा कि वे आरएसएस का नोटिस देखने के बाद ही कोई प्रतिक्रिया देंगे.
हालाँकि आरएसएस ने जवाब देने के लिए अर्जुन सिंह को कोई समय-सीमा नहीं दी है लेकिन उनसे यह भी पूछा गया है कि उन्होंने यह बयान व्यक्तिगत स्तर पर दिया है या फिर काँग्रेस कार्यसमिति के सदस्य के तौर पर.
आरएसएस के क़ानूनी नोटिस में कहा गया है कि अर्जुन सिंह ने पिछले रविवार को अल्पसंख्यकों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था, "अगर संघ की सबसे बड़ी कामयाबी गाँधी जी की हत्या है तो ऐसे संगठन से किस राष्ट्रीय हित के पूरा होने की उम्मीद की जा सकती है."
अर्जुन डटे
मानव संसाधन विकास मंत्री ने एक लिखित बयान में आरएसएस के बारे में अपने विचार एक बार फिर प्रकट किए, "मैं पूरी तरह आश्वस्त हूँ कि आरएसएस जिस हिंसा और घृणा की नीति की शपथ लेता है, वही नीति महात्मा गाँधी की हत्या के लिए ज़िम्मेदार है."
अर्जुन सिंह ने कहा कि वे आरएसएस के इस नोटिस से चकित नहीं हैं, उन्होंने कहा, "आरएसएस ने इस मामले में मेरे ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर करने की धमकी दी थी तो मैंने कहा था कि वे जो चाहें कर लें."
शिक्षा के कथित भगवाकरण के सवाल पर अर्जुन सिंह की टिप्पणियों और उनके फ़ैसलों से आरएसएस में पहले ही काफ़ी नाराज़गी है.
मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने स्कूली किताबों में फेरबदल का सुझाव देने के लिए समितियों का गठन कर दिया है जिसकी रिपोर्ट आने के बाद उन परिवर्तनों के बारे में फ़ैसला किया जाएगा जो भाजपा के शासनकाल में किए गए थे.