बुधवार, 11 अगस्त, 2004 को 12:04 GMT तक के समाचार
गुजरात में अहमदाबाद में एक अदालत ने हत्या और बलात्कार के मामले में एक नौजवान को मौत की सज़ा सुनाई है.
इस व्यक्ति को एक छह वर्ष की बच्ची के साथ हत्या और कुकृत्य करने का दोषी पाया गया है.
यह घटना अहमदाबाद के गुलाबी टेकरा नाम स्थान पर पिछले वर्ष 27 फरवरी को हुई थी.
इस बात की पूरी संभावना है कि दोषी पाए गए व्यक्ति की ओर से हाईकोर्ट में अपील की जाएगी.
पिछले दिनों हत्या और बलात्कार के ही मामले में कोलकाता के धनंजय चटर्जी को फाँसी की सज़ा सुनाए जाने के बाद से काफ़ी गर्मागर्म बहस चल रही है.
बड़ी संख्या में लोगों का मानना है कि हत्या और बलात्कार जैसे अपराध के लिए मौत की सज़ा सही है लेकिन कई मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि फाँसी की सज़ा समाप्त कर देनी चाहिए.
क्रूर घटना
सेशन जज ने किशन वेलाभाई मारवाड़ी को मौत की सज़ा देने की घोषणा की, हत्या और बलात्कार की शिकार लड़की उसकी दूर की रिश्तेदार बताई जाती है.
सरकारी वकील ने बताया कि किशन इस लड़की को फुसलाकर एक सुनसान स्थान पर ले गया जहाँ पत्थर से उसका सिर कुचलने के बाद बेरहमी से उसके पैर काट डाले, इसके बाद उसने उस लड़की के साथ कुकृत्य किया.
सरकारी वकील चेतन शाह ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि "यह अपनी तरह का पहला मामला है जब अपराधी ने पहले क्रूर तरीक़े से हत्या की और उसके बाद बलात्कार किया."
कोलकाता की ही तरह, अहमदाबाद में लोगों ने अदालत के इस फैसले का समर्थन किया है, मारी गई लड़की के एक पड़ोसी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि "यह सज़ा सही है, हम इससे सहमत हैं हमें न्याय मिल गया है."
वैसे इतना तय है कि यह मामला काफ़ी लंबा चलने वाला है, धनंजय चटर्जी को फाँसी की सज़ा सुनाए जाने और उन्हें सज़ा दिए जाने के बीच तेरह वर्ष का लंबा अरसा गुज़रा था.