मंगलवार, 10 अगस्त, 2004 को 21:58 GMT तक के समाचार
पश्चिम बंगाल में 14 वर्ष पहले एक स्कूली छात्रा के साथ बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या करने के दोषी धनंजय चटर्जी को 14 अगस्त को तड़के साढ़े चार बजे कोलकता की अलीपुर सेंट्रल जेल में फाँसी दे दी जाएगी.
धनंजय को फाँसी दिए जाने की तारीख़ और समय का का निर्धारण राज्य के जेल मंत्री विश्वनाथ चौधरी के दफ़्तर में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में किया गया.
कोलकाता में आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि धनंजय के परिवार वालों को इस तारीख़ के बारे में सूचित कर दिया गया है.
इससे पहले राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने उनकी मृत्युदंड की सज़ा बरक़रार रखने का फ़ैसला किया था और क्षमादान की याचिका रद्द कर दी थी.
धनंजय के पिता वंशीधर, उनके भाई और पत्नी का कहना है कि अगर धनंजय को फाँसी दी गई तो वे भी आत्महत्या कर लेंगे.
कोलकाता में ज़्यादातर लोग धनंजय को दी जाने वाली फाँसी की सज़ा का समर्थन करते हैं लेकिन कुछ मानवाधिकार संगठनों ने इस सज़ा का विरोध किया है.
इन संगठनों का कहना है कि सज़ा-ए-मौत से कभी भी अपराधों में कमी नहीं आई है और धनंजय चटर्जी को ज़्यादा से ज़्यादा उम्र क़ैद की सज़ा दी जानी चाहिए.
उल्लेखनीय है कि धंनजय चटर्जी पर आरोप है कि 14 वर्ष पहले उसने स्कूल जाने वाली एक बालिका हेतल पारेख के साथ बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी.