मंगलवार, 03 अगस्त, 2004 को 07:07 GMT तक के समाचार
आपराधिक मामले में फँसे मंत्रियों के सवाल पर संसद में विपक्ष और सरकार के बीच सुलह हो गई है.
विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए ने आपराधिक मामलों में फँसे मंत्रियों के सवाल पर संसदीय समितियों की बैठकों का बहिष्कार कर रखा था.
इस मामले में फ़ैसला किया गया है कि लोकसभा में सदन के नेता प्रणव मुखर्जी और भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा अपने-अपने बयान वापस लेंगे.
एनडीए की बैठक के बाद घोषणा की गई है कि इस समझौते के बाद एनडीए के नेता बुधवार से संसदीय समितियों का बहिष्कार ख़त्म कर रहे हैं और अब वे समितियों की बैठकों में नियमित रुप से हिस्सा लेंगे.
उल्लेखनीय है कि संसद में आपराधिक मामलों में फँसे मंत्रियों और शिबू सोरेन के मामले में हंगामा मचा रहे विपक्षी दलों के बारे में प्रणव मुखर्जी के बयान के बाद एनडीए नेताओं ने घोषणा कर दी थी कि वे संसदीय समितियों की बैठकों में हिस्सा नहीं लेंगे.
सुलह
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी के बीच हुई मुलाक़ात के बाद सुलह-समझौते का यह फॉर्मूला निकाला गया.
इससे पहले इसी मसले का हल निकालने की कोशिश के तहत लोकसभा के अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने लालकृष्ण आडवाणी से मुलाक़ात की थी.
पचीस मिनट चली इस मुलाक़ात के बाद सोमनाथ चटर्जी ने पत्रकारों को बताया, "मैंने विपक्ष के नेता से सहयोग की अपील की और उसके बाद लगता है कि गतिरोध समाप्त होने ही वाला है."
हालांकि लोकसभा अध्यक्ष के साथ बैठक के बाद लालकृष्ण आडवाणी ने पत्रकारों से बातचीत नहीं की लेकिन मनमोहन सिंह से उनकी मुलाक़ात के बाद तस्वीर साफ़ हो गई.
लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के नेता को पत्र लिखकर सुबह के नाश्ते पर आमंत्रित किया था ताकि मसले पर बातचीत हो सके.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और विपक्ष के नेता के बीच हुई बैठक में गृह मंत्री शिवराज पाटिल, रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी और संसदीय कार्य मंत्री गुलाम नबी आज़ाद मौजूद थे.