रविवार, 25 जुलाई, 2004 को 06:32 GMT तक के समाचार
श्रीलंका में तमिल विद्रोहियों का कहना है कि संगठन से अलग हुए एक विद्रोही नेता के आठ प्रमुख सहयोगियों की राजधानी कोलंबो के एक उपनगरीय इलाक़े में हत्या कर दी गई है.
इस बीच नॉर्वे के शांति दूत देश में पहुँच गए हैं और उन्होंने चेतावनी भी दी है कि कुछ तत्व 'आग से खेल रहे हैं और श्रीलंका में संघर्षविराम पर बुरा असर डाल रहे हैं'.
कोलंबो संवाददाता फ़्रांसिस हैरिसन के अनुसार तमिल विद्रोहियों ने जिन आठ लोगों को मारने का दावा किया है उनमें अलग हुए विद्रोही नेता कर्नल करुणा के अंगरक्षक के साथ ही उनके वित्त मामलों के प्रमुख भी शामिल हैं.
तमिल टाइगर्स का लंबे समय से दावा रहा है कि कर्नल करुणा सेना के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और इसी प्रक्रिया में उनका दावा है कि सेना का एक अधिकारी भी मारा गया है.
वैसे इस बीच सरकार और सेना दोनों ही इस बात से बिल्कुल इनकार करते रहे हैं कि अलग हुए तमिल विद्रोही से उनका कोई नाता है.
अभी तक श्रीलंका की सेना या पुलिस ने इन मौतों की कोई पुष्टि नहीं की है मगर एक कैप्टन का कहना है कि कोई बड़ी घटना होने के बारे में उनके पास कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के फ़ोन आए हैं.
मगर इस बात को लेकर कोई आश्चर्य नहीं है कि इसकी जानकारी तमिल टाइगर्स के पास पहले है क्योंकि ये उन्हीं की कार्रवाई है.
पिछले कुछ सप्ताहों में हिंसा में इसी तरह से बढ़ोत्तरी देखी जा रही है. यानी ये एक तरह से निचले स्तर के एक छापामार युद्ध का रूप ले रहा है जिसमें एक तरफ़ तमिल टाइगर्स हैं तो दूसरी तरफ़ कथित तौर पर सेना के समर्थन वाले कर्नल करुणा हैं.
इस बीच रविवार से श्रीलंका में नए दौर की बातचीत शुरू करने वाले नॉर्वे के विदेश उपमंत्री विदार हेलगेसन पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि स्थिति काफ़ी ख़तरनाक हो रही है और इससे देश एक बार फिर युद्ध की ओर जा सकता है.