शनिवार, 17 जुलाई, 2004 को 08:24 GMT तक के समाचार
दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु का कुंभकोणम शहर अब भी दुखों के सागर में डूबा हुआ है. स्कूल में लगी आग में मारे गए 90 बच्चों में से कई का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया गया.
कुछ अन्य बच्चों का अंतिम संस्कार शनिवार शाम तक कर दिया जाएगा.
वर्ष 1995 के बाद से भारत में ये ऐसा सबसे दर्दनाक हादसा है जिसमें बच्चों की जान गई है.
पुलिस ने 'श्रीकृष्णा स्कूल' के प्रधानाचार्य को लापरवाही बरतने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया है.
इधर बच्चों का अंतिम संस्कार हो रहा है और उधर उनके माँ-बाप के आँसू रोके नहीं रुक रहे हैं.
मारे गए अधिकतर बच्चे छह से 10 साल की उम्र के बीच के हैं.
![]() स्कूल से बाहर निकलने का एक ही रास्ता था और उसी में भगदड़ मच गई |
इसी तरह जब 10 वर्षीया मोनिका का शव दफ़न करने के लिए नीचे डाला गया तो उनके माँ-बाप दुख के मारे ज़मीन पर गिर पड़े.
पूरे कुंभकोणम में लोग इस सदमे से उबरने की कोशिश में हैं मगर दृश्य ऐसे हैं कि वे उसे भुला नहीं पा रहे.
अस्पताल में अब भी 20 बच्चे मौत से जूझ रहे हैं.
स्कूल में जाने का रास्ता काफ़ी पतला है और यही वजह है कि राहत कार्य भी उतनी तेज़ी से नहीं हो पा रहे.
लापरवाही
पुलिस ने प्रधानाचार्य पुलावर पलानीचामी सहित पाँच लोगों को गिरफ़्तार कर लिया है.
ज़िलाधीश जे राधाकृष्णन ने कहा कि उन लोगों पर गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप हैं जिनकी वजह से ये मौत हुईं.
![]() लोग बच्चों का अंतिम संस्कार करने ले जा रहे हैं मगर दुख और ग़ुस्सा रोके नहीं रुक रहा |
जब आग लगी तो स्कूल की सबसे ऊपरी मंज़िल पर प्राइमरी के लगभग 200 बच्चे थे.
इसके बाद जब बच्चे बचकर भागने की कोशिश करने लगे तो छत ही गिर पड़ी.
पुलिस के अनुसार एक व्यक्ति बच्चों को बचाने की कोशिश में जान गँवा बैठा.
इस दुर्घटना के बाद स्कूलों में सुरक्षा प्रबंध और अच्छे करने की माँग हो रही है. कई स्कूलों में तो आग लगने पर उसे बुझाने के लिए पर्याप्त साधन ही नहीं हैं.
दुर्घटनास्थल के दौरे के बाद तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने स्कूल के प्रबंधन और ज़िले के अधिकारियों के विरुद्ध आपराधिक लापरवाही बरतने के आरोप लगाने के लिए कहा है.
उनका कहना था कि इस दुर्घटना के बाद प्रदेश के सभी स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने मारे गए बच्चों के परिवारों को शोक संवेदनाएँ भेजी हैं.