गुरुवार, 15 जुलाई, 2004 को 13:41 GMT तक के समाचार
उड़ीसा में कुछ हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं के हाथों मारे गए ईसाई मिशनरी ग्राहम स्टेंस की पत्नी ग्लैडीस स्टेंस गुरुवार को ऑस्ट्रेलिया चली गईं.
उन्होंने कहा है कि वे व्यक्तिगत कारणों से ऑस्ट्रेलिया जा रही हैं और निश्चित तौर पर लौटकर उड़ीसा आएँगी.
वे पिछले 20 बरसों से उड़ीसा में कुष्ठ रोगियों की सेवा कर रही हैं.
उनके पति ग्राहम स्टेंस भी इसी काम में लगे हुए थे लेकिन जनवरी 1999 को उड़ीसा के एक गाँव में जब वे अपने दो बच्चों के साथ जीप में सो रहे थे तब कुछ लोगों ने उनकी जीप में आग लगा दी जिसमें बच्चों के साथ उनकी मौत हो गई.
'वापस आऊँगी'
ऑस्ट्रेलिया जाने के पहले ग्लैडीस स्टेंस बीबीसी से हुई बातचीत में कहा, "मैं इस तरह सामान बाँधकर नहीं लौट सकती, मैं निश्चित तौर पर लौटूँगी और बारीपद का वह काम आगे बढ़ाउंगी जो हमने कुष्ठ रोगियों के लिए के लिए शुरु किया है."
यह पूछने पर कि वे कब तक लौटेंगी, उन्होंने कहा, "हो सकता है कि छह महीने में या हो सकता है कुछ ज़्यादा समय भी लग जाए."
उन्होंने कहा कि भारत उनका घर है. फिर उन्होंने पूछा, "पर आप कभी कभी घर से बाहर जाना चाहते हैं, नहीं?"
बेटी की पढ़ाई
ग्लैडीस स्टेंस के क़रीबी लोगों का कहना है कि वे अपनी 18 साल की बेटी एस्थर के साथ ऑस्ट्रेलिया जा रही हैं.
एस्थर वहाँ मेडिकल की पढ़ाई करना चाहती है.
एक बार उनकी बेटी वहाँ ठीक तरह से रहने लगे फिर ग्लैडीस लौट आएँगी.
उल्लेखनीय है कि ग्राहम स्टेंस की हत्या के मामले में दारासिंह नाम के व्यक्ति को स्थानीय अदालत ने मौत की सज़ा सुनाई है और 13 अन्य लोगों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी.