शुक्रवार, 09 जुलाई, 2004 को 10:14 GMT तक के समाचार
मुंबई में 1998 में रेलवे स्टेशनों और बसों में हुए बम धमाकों के सिलसिले में मुंबई की एक अदालत ने 11 लोगों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई है. एक पाकिस्तानी नागरिक को छोड़ दिया गया है.
छह साल पहले मुंबई में कई जगह पर एक के बाद एक बम धमाके हुए थे जिनमें चार लोग मारे गए थे.
न्यायाधीश वीएल आचार्य ने सरकार को आदेश दिया है कि अपराधियों को सुनाई गई सज़ा की अवधि घटाई नहीं जानी चाहिए.
इन बम धमाकों के सिलसिले में 13 लोगों को गिरफ़्तार किया गया था.
इन लोगों पर शहर में बम बनाने और उन्हें जगह-जगह पर लगाने का आरोप लगाया गया था.
एक पाकिस्तानी नागरिक को इस मामले में दोषमुक्त कर दिया गया जबकि एक अन्य अभियुक्त की इस मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई.
एक सप्ताह पहले ग्यारह व्यक्तियों को इस मामले में दोषी ठहराया गया था.
अभियुक्तों ने इन बम धमाकों में हाथ होने से इनकार किया है और कहा है कि वे मुंबई उच्च न्यायालय में अपील करेंगे.