शुक्रवार, 02 जुलाई, 2004 को 02:55 GMT तक के समाचार
रेहान फ़ज़ल
बीबीसी संवाददाता
शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने सुझाव दिया है कि अयोध्या में विवादित स्थल पर मंगल पांडे के नाम पर कोई राष्ट्रीय स्मारक बना दिया जाए.
बीबीसी हिंदी सेवा से बातचीत में उन्होंने कहा कि हिंदुओं को राम मंदिर के पास ही जगह चाहिए.
साथ ही ठाकरे ने कहा कि मुसलमानों को बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण के लिए कहीं दूसरी जगह ज़मीन दी जानी चाहिए.
उन्होंने कहा,"अच्छा ये बात भूल जाइए कि ये हमारा अधिकार है. बाबरी मस्जिद के लिए कहीं और जगह दे दीजिए.हमें तो राम मंदिर के नज़दीक कोई जगह चाहिए."
उन्होंने सुझाव दिया,"वहाँ राष्ट्रीय स्मारक बना दो, मंगल पांडे के नाम से क्योंकि वही था जिसने हमारी आज़ादी के लिए अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ पहली गोली चलाई".
ठाकरे ने कहा,"सब लोगों को वहाँ आकर ये देखने दो कि जिस जवान ने अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ पहली गोली चलाई वह मंगल पांडे था".
न्यायालय की आलोचना
बाल ठाकरे ने अयोध्या मामले को सुलझाने में देरी के लिए न्यायालय की आलोचना की.
उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि गवाहियों के बावजूद अदालत फ़ैसला क्यों नहीं कर पा रही.
ठाकरे ने कहा,"अगर हिंदू और मुसलमानों ने कुछ गवाहियाँ दी हैं तो आप देखिए कि सही क्या है और ग़लत क्या है. कोई फ़ैसला तो कीजिए".
हिंदू-मुस्लिम तनाव
बाल ठाकरे ने हिंदू और मुसलिम संप्रदायों के बीच तनाव के लिए घुसपैठियों को ज़िम्मेदार बताया.
ठाकरे ने कहा,"मुस्लिम समुदाय से इस ज़हर को बाहर निकाल दो. ये घुसपैठिए हैं जिनका काम ही है कि वे मुसलमानों को भड़काते हैं और चिनगारी लगाकर भाग जाते हैं".
शिव सेना नेता ने कहा,"बांग्लादेश के मुसलमानों को यहाँ क्यों आना चाहिए? वे करोड़ों की संख्या में आ रहे हैं. हमारे यहाँ उनकी संख्या चार से पाँच करोड़ है. हम उनका भार क्यों सहें".
मुसलमान विरोधी छवि
अपनी मुसलमान-विरोधी छवि के बारे में बाल ठाकरे ने कहा,"यह ग़लत है. मैं मुसलमानों के ख़िलाफ़ नहीं हूँ".
"विभाजन के बाद जो पाकिस्तान चले गए उन्होंने ग़लत किया. लेकिन जो यहाँ रह गए, हमें उन पर भरोसा है. वे हमारे अपने हैं".
"मुसलमानों का नाम बदनाम कर रहे हैं वे घुसपैठिए जो ग़लत तरीक़े से हमारे देश में घुस आते हैं. चरमपंथी गतिविधियाँ विदेशी करते हैं लेकिन होता यह है कि 'सूखे के बाद गीला भी' जल जाता है".
बाल ठाकरे ने अपनी कट्टरपंथी छवि के बारे में कहा,"मुझे अपनी छवि को लेकर कोई चिंता नहीं है. मैं जो हूँ सो हूँ. लोग मुझे अपनाते हैं या ठुकराते हैं, मैं उसकी चिंता नहीं करता".