बुधवार, 30 जून, 2004 को 15:35 GMT तक के समाचार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आपराधिक मामलों में फँसे मंत्रियों को हटाने से साफ़ इनकार कर दिया है.
उनका कहना है कि ऐसी माँग करने वाले विपक्षी गठबंधन एनडीए की पिछली सरकार में भी कई मंत्री थे जिनके ख़िलाफ़ आपराधिक मामलों में चार्जशीट दायर की गई थी.
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म सम्मान समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यह कोई पहली बार नहीं है कि ऐसे लोग मंत्री हैं जिनके ख़िलाफ़ आरोपपत्र दाख़िल किए गए हैं, अब विपक्ष अलग-अलग लोगों के लिए बीच अंतर दिखाने की कोशिश कर रहा है जो सही नहीं है."
प्रधानमंत्री ने 'दाग़ी' कहे जा रहे इन मंत्रियों को लेकर संसद में बाधा उत्पन्न करने के विपक्ष के क़दम के बारे में कहा, "मैं उम्मीद करता हूँ कि लोग बेहतर व्यवहार करेंगे और संसद व्यवस्थित तरीक़े से काम कर सकेगी."
मनमोहन सिंह ने स्वीकार किया कि 'गठबंधन की राजनीति की कुछ सीमाएँ और शर्तें' होती हैं, उन्होंने कहा, "जनादेश की अनदेखी नहीं की जा सकती, चुने हुए लोग देश की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं."
प्रधानमंत्री ने कहा, "मैं नाराज़ नहीं हूँ, मैं सांसदों से अपील करता हूँ कि वे संसद की गरिमा को बनाए रखें."
विधेयक
आतंकवाद निरोधक क़ानून 'पोटा' को समाप्त करने के बारे में सवाल पूछे जाने पर प्रधानमंत्री ने कहा कि "सही समय पर क़दम उठाया जाएगा."
लंबे समय से लटके पड़े महिला आरक्षण विधेयक के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा, "हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं लेकिन हमें व्यापक सहमति तैयार करनी होगी."
जम्मू-कश्मीर में हिंसा के नए दौर के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि "कुछ तत्व ऐसे हैं जो भारत और पाकिस्तान की बातचीत होने पर भ्रम फैलाना चाहते हैं."
एनडीए की सरकार के दौरान नियुक्त किए गए राज्यपालों को हटाए जाने के बारे में प्रधानमंत्री ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया.