मंगलवार, 29 जून, 2004 को 23:13 GMT तक के समाचार
मुंबई की एक अदालत ने पिछले साल अगस्त में हुए बम विस्फोट के सिलसिले में पाँच लोगों पर औपचारिक रूप से मामले तय कर दिए हैं. इन विस्फोटों में 55 लोग मारे गए थे.
गेटवे ऑफ़ इंडिया और ज़ावेरी बाज़ार के नज़दीक़ 25 अगस्त को हुए विस्फोटों में 180 लोग घायल हुए थे.
इन लोगों पर पिछले ही साल 28 जुलाई को घाटकोपर में एक बस में हुए विस्फोट का षड्यंत्र रचने का भी आरोप है.
पाँचों लोगों ने इन आरोपों से इनकार किया है और वे अगले मंगलवार को अदालत में फिर से पेश होंगे.
इन सभी पर आतंकवाद निरोधक अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं.
सैयद मोहम्मद हनीफ़, उनकी पत्नी फ़हीमिदा, अरशत अंसारी, मोहम्मद हुसैन उर्फ़ बैटरीवाला और मोहम्मद रिज़वान उर्फ़ लड्डूवाला पर ये आरोप लगाए गए हैं.
पर्याप्त सबूत नहीं होने की वजह से हनीफ़ की बेटी फ़रहीन को रिहा कर दिया गया.
दुबई में षड्यंत्र
वकील उज्ज्वल निकाम ने कहा कि षड्यंत्र पाकिस्तानी नागरिकों ने दुबई में रचा था और इसके पीछे इस्लामी चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है.
इस विस्फोट की वजह से मुंबई में काफ़ी नुक़सान हुआ था.
गेटवे ऑफ़ इंडिया और ज़ावेरी बाज़ार दोनों ही जगह ख़ून ही ख़ून था और लाशें दिख रही थीं.
मंगलवार को ही मुंबई में एक अन्य अदालत ने 1997 और 1998 के बीच छह बम विस्फोट करने के लिए 11 लोगों को दोषी पाया. इन विस्फोटों में चार लोग मारे गए थे और 30 लोग घायल हुए थे.
इन लोगों की सज़ा दो जुलाई तक के लिए टाल दी गई है.
न्यायमूर्ति एएल अचल्य ने कहा कि सभी अभियुक्त शहर में बम विस्फोट करने पाकिस्तान से आए थे.