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मंगलवार, 01 जून, 2004 को 02:05 GMT तक के समाचार

कराची में भारी हिंसा और आगज़नी

पाकिस्तान की व्यावसायिक राजधानी कराची में दो दिनों की हिंसा और तनाव के बाद मंगलवार को भी हिंसा भड़क उठी जिसमें अनेक लोग घायल हुए हैं.

मंगलवार को उन लोगों को दफ़नाया गया जो सोमवार को हुए बम धमाकों में मारे गए थे.

जनाज़े में शामिल लोगों में भारी ग़ुस्सा था जो पुलिस के साथ झड़पों के रूप में सामने आया.

शिया इमाम बारगाह अली रज़ा के पास मोहम्मद अली जिन्ना मार्ग पर जनाज़े की नमाज़ ख़त्म होने के बाद हिंसा भड़क उठी.

पुलिस का दावा है कि जनाज़े में शामिल कुछ लोगों ने दुकानों और वाहनों पर पथराव करना शुरू कर दिया. वहाँ तैनात सुरक्षा कर्मियों ने पहले तो भीड़ से दूरी बनाए रखी.

लेकिन अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर क़ाबू पाने के लिए आँसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फ़ायर किए.

पुलिस और लोगों के बीच काफ़ी देर तक झड़पें चलती रहीं और हिंसा कुछ अन्य इलाक़ों में भी भड़क उठी जिसके दौरान अनेक दुकानों और वाहनों को आग लगा दी गई.

इस हिंसा में एक पुलिस बस, क़रीब चालीस मोटरसाइकिलें, तीन बैंक, तीन पैट्रोल पंप, दुकानें और कई रेस्तराओं को नुक़सान पहुँचा है.

शहर भर में सुरक्षा इंतज़ाम और पुख़्ता कर दिए गए हैं.

सख़्ती

सोमवार को एक शिया मस्जिद में शाम की नमाज़ के समय हुए इस धमाके में 20 लोग मारे गए और क़रीब 40 घायल हो गए.

विस्फोट के बाद कराची में हिंसा भड़क उठी थी और लोगों ने वाहनों, पेट्रोल पंपों, दुकानों में आग लगा दी थी.

इस धमाके के बाद राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा था कि वे शिया-सुन्नी हिंसा से कड़ाई से निपटेंगे.

कराची में यह धमाका उसी इलाक़े में हुआ है जहाँ एक दिन पहले एक सुन्नी मौलवी मुफ़्ती निज़ामुद्दीन शामज़ई की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी.

राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कहा कि वे कराची में स्थिति सामान्य करने के लिए कड़े से कड़े क़दम उठाएँगे.

मुशर्रफ़ ने कहा, "मैं सख़्त क़दम उठाऊँगा. यह 24 घंटे के अंदर शहर में हुआ दूसरा बड़ा हादसा है."

पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने मुशर्रफ़ के हवाले से यह बयान जारी किया.

नुक़सान

सोमवार को कराची की शिया मस्जिद में हुआ विस्फोट इतना ज़बरदस्त था कि इसकी एक मीनार टूट गई और एक तरफ की दीवार ढह गई.

मस्जिद की देखभाल करने वाले ट्रस्ट का कार्यालय भी ध्वस्त हो गया.

तीन अस्पतालों में आपात स्थिति की घोषणा कर दी गई और लोगों से अपील की गई कि वे गंभीर रूप से घायलों के लिए रक्तदान करें.