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सोमवार, 31 मई, 2004 को 08:37 GMT तक के समाचार

बातचीत का आधार शिमला समझौता ही

भारत ने फिर कहा है कि पाकिस्तान के साथ दोस्ती और सहयोग की नीति आगे बढ़ाई जाएगी और तमाम विवादों से बचने की कोशिश की जाएगी.

साथ ही भारत ने यह उम्मीद भी जताई है कि पाकिस्तान की तरफ़ से भी रचनात्मक माहौल बनाने में मदद मिलेगी.

भारतीय विदेश सचिव शशांक ने सोमवार को दिल्ली में संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ रचनात्मक और द्विपक्षीय बातचीत के लिए बहुत गंभीर है और पाकिस्तान भी इस गंभीरता को समझेगा.

"पाकिस्तान भारत के सहयोगात्मक रवैये को गंभीरता से लेगा और आतंकवाद और हिंसा से मुक्त माहौल बनाने में मदद करेगा ताकि शांति प्रक्रिया को ठोस तरीक़े से आगे बढ़ाया जा सके."

विदेश मंत्रालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का आधार शिमला समझौते से बेहतर और कोई ढाँचा नहीं हो सकता और पाकिस्तान के साथ अगर रचनात्मक, आपसी समझदारी और सदइच्छा के माहौल में बातचीत हो तो सभी विवादास्पद मुद्दों पर ध्यान दिया जा सकता है.

बयान के मुताबिक़ 1972 का शिमला समझौता दोनों देशों के बीच संबंधों को एक रचनात्मक आधार देता है और तब से लेकर आज तक विभिन्न सरकारें बदलने के बावजूद इसमें कोई बदलाव नहीं आया है.

"इसी साल जनवरी में भी भारतीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री मीर ज़फ़रुल्ला ख़ाँ जमाली ने इस्लामाबाद में जो साझा बयान जारी किया था, वह भी शिमला समझौते की ही तरह बातचीत का एक आधार रहेगा."

शिमला समझौता यही कहता है कि दोनों देश आपसी मतभेदों को दूर करने के लिए बातचीत का सहारा लेंगे और एकतरफ़ा तौर पर कोई भी नहीं करेंगे.

नेपाल

विदेश मंत्रालय ने बताया है कि विदेश मंत्री नटवर सिंह चार से छह जून को नेपाल का दौरा करेंगे.

नेपाल के प्रधानमंत्री ने नटवर सिंह को न्यौता दिया है जिसे स्वीकार कर लिया गया है.