शुक्रवार, 28 मई, 2004 को 11:50 GMT तक के समाचार
बंगलौर से सुनील रामन
बीबीसी संवाददाता
15 दिनों की राजनीतिक उठा-पटक के बाद आख़िरकार कर्नाटक में नई सरकार का गठन हो गया.
काँग्रेस के धरम सिंह ने शुक्रवार को गठबंधन सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. राज्यपाल टीएन चतुर्वेदी ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.
उनके साथ गठबंधन में शामिल जनता दल (सेक्यूलर) विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है. मंत्रिमंडल का विस्तार दो-तीन दिन बाद ही होने की उम्मीद है.
कर्नाटक विधानसभा के नतीजे आने के बाद से काँग्रेस और जनता दल (सेक्यूलर) के बीच इस बात को लेकर मतभेद उठ खड़े हुए थे कि कौन गठबंधन सरकार का नेतृत्व करेगा.
जनता दल (एस) के विधायकों का कहना था कि उनकी पार्टी का मुख्यमंत्री होना चाहिए.
लेकिन पहले काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और जनता दल (एस) अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा के बीच बातचीत और फिर कर्नाटक इकाई के दोनों दलों के नेताओं के बीच बातचीत के बाद ही सरकार बनने का रास्ता साफ़ हो पाया.
प्राथमिकता
दोनों पार्टियाँ 'महाराष्ट्र मॉडल' के आधार पर कर्नाटक में सरकार बनाने को राज़ी हुई हैं और इसी समझौते के आधार पर सिद्धारमैया को उप मुख्यमंत्री का पद सौंपा गया है.
बीबीसी हिंदी के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री धरम सिंह ने कहा कि उनकी सरकार कृषि और ग्रामीण क्षेत्र में विकास को प्राथमिकता देगी.
किसानों के कर्ज़ माफ़ करने के बारे में धरम सिंह ने स्पष्ट तौर पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन यह ज़रूर कहा कि इसके बारे में कोई भी फ़ैसला कैबिनेट करेगी.
कर्नाटक काँग्रेस की राजनीति में धरम सिंह का अच्छा ख़ासा दख़ल रहा है. वे 33 साल से विधायक हैं.
एसएम कृष्णा सरकार में वे लोकनिर्माण मंत्री थे. जबकि सिद्धारमैया का भी कर्नाटक की राजनीति में अच्छा ख़ास क़द है.
पहले भी वे जनता दल की जेएच पटेल सरकार में उप मुख्यमंत्री रह चुके हैं.
224 सदस्यीय विधानसभा में काँग्रेस के 65 और जनता दल (सेक्यूलर) के 58 विधायक हैं. भारतीय जनता पार्टी के 79 विधायक चुन कर आए हैं.