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बुधवार, 26 मई, 2004 को 17:00 GMT तक के समाचार

तालेबान के ख़िलाफ़ ज़ोरदार कार्रवाई

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना की बमबारी में 20 तालिबान लड़ाके मारे गए हैं.

अफ़ग़ान अधिकारियों का कहना है कि ये बमबारी पाकिस्तान से लगी सीमा के नज़दीक की गई है.

स्थानीय कमांडर ख़ान मोहम्मद ने कहा कि स्पिन बोल्दक के पास मंगलवार को तालेबान कैंपों पर डेढ़ सौ अफ़ग़ान सैनिकों ने हमला किया था जिनकी मदद के लिए अमरीकी लड़ाकू विमानों ने इन अड्डों पर बम बरसाए.

अमरीका का कहना है कि इलाक़े में गश्त लगा रहे उसके फ़ौजियों ने मदद के लिए लड़ाकू विमान बुलाए थे.

अगर इस बात की पुष्टि हो जाती है तो इस साल ये तालिबान को हुआ सबसे बड़ा नुकसान होगा.

अमरीकी सेना के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट कर्नल टकर मेनसेगर ने कहा कि उनके गश्ती दल ने अपनी ताक़त दिखाने के लिए हवाई मदद बुलाई थी.

उन्होंने कहा, जब उससे काम नहीं चला तो विमानों ने लेज़र गाइडेड बम दाग़े और जहाँ तक हमें पता है, वो असरदार रहे.

लेफ़्टिनेंट कर्नल टकर मेनसेगर ने स्पष्ट किया कि कोई अमरीकी फ़ौजी घायल नहीं हुआ लेकिन मारे गए तालेबान लड़ाकों की संख्या वे पक्के तौर पर नहीं बता पाए.

स्थानीय कमांडर ख़ान मोहम्मद ने कहा, अमरीकी फ़ौज ने बताया है कि उन्होंने 20 तालेबान लड़ाकों के शव देखे हैं.

अभियान

ख़बर है कि तालेबान को पाकिस्तान सीमा की तरफ़ खदेड़ा जा रहा है.

कंधार के ख़ुफ़िया प्रमुख अब्दुल्लाह लघमनई का कहना था कि अभियान अभी चल रहा है और सरकारी फ़ौजें तालिबान का पीछा कर रही हैं.

उन्होंने कहा, हमारी जानकारी के मुताबिक़ इलाक़े में क़रीब 200 लड़ाके थे लेकिन अब वो बिखर गए हैं.

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीका के 20 हज़ार सैनिक हैं और उसने अफ़ग़ान सरकार के विरोधी चरमपंथियों को कुचलने की क़सम खाई है.

पिछले कुछ महीनों में तालेबान विद्रोही फिर सक्रिय हुए हैं और उन्होंने हामिद क़रज़ई सरकार का तख़्ता पलटने की प्रतिज्ञा की है.

उधर पाकिस्तान ने भी सीमा के अपनी तरफ़ विदेशी चरमपंथियों को उखाड़ फेंकने की मुहिम चला रखी है.