गुरुवार, 20 मई, 2004 को 14:35 GMT तक के समाचार
प्रधानमंत्री पद को लेकर चल रही समस्याओं को निपटाने के बाद अब काँग्रेस के आला नेता नई सरकार के स्वरूप को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं.
भावी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस मुद्दे पर काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से दो बार बातचीत की.
काँग्रेस को अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा गठबंधन में शामिल सहयोगी पार्टियों के नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने का दबाव है.
लेकिन मनमोहन सिंह के शपथ ग्रहण से पहले ही इस मामले पर मतभेद के स्वर सुनाई पड़ने लगे हैं.
काँग्रेस के चुनाव पूर्व गठबंधन के प्रमुख सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने सरकार में शामिल होने को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है.
फ़ैसला
राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि काँग्रेस की अगुआई वाली सरकार में शामिल होने को लेकर आख़िरी फ़ैसला एक-दो दिन में लिया जाएगा.
चर्चा है कि लालू प्रसाद यादव ने गृह मंत्रालय की माँग की है लेकिन काँग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इसे नहीं मान रहा है.
लेकिन लालू यादव ने इससे इनकार किया है. उनका कहना है कि उनकी पार्टी के सामने प्राथमिकता मंत्रालय नहीं बल्कि बिहार का विकास है.
दिल्ली में गुरुवार को राष्ट्रीय जनता दल के नव-निर्वाचित सांसदों की बैठक हुई.
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए लालू प्रसाद यादव ने कहा कि अब वे पटना जा रहे हैं जहाँ वे मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पार्टी विधायकों से बात करेंगे जिसके बाद ही सरकार में शामिल होने पर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी.
समर्थन के मुद्दे पर लालू यादव ने स्पष्ट किया कि काँग्रेस सरकार को उनका समर्थन जारी रहेगा.
लेकिन उन्होंने बिहार को आर्थिक पैकेज देने की माँग दोहराई और कहा कि केंद्र इसके लिए समयसीमा तय करे.
उन्होंने कहा कि छह महीने के अंदर राज्य में परिवर्तन दिखना चाहिए. काँग्रेस की ओर से लालू प्रसाद यादव से बातचीत करने वरिष्ठ नेता अर्जुन सिंह और आरके धवन भी गए लेकिन बात नहीं बन पाए.
लालू प्रसाद यादव गुरुवार को पटना चले गए.
माँग
माना जा रहा है कि मनमोहन सिंह की अगुआई में बनने वाली सरकार में मंत्रालय को लेकर अभी से ही सहयोगी दल अपनी माँग रख रहे हैं.
राष्ट्रीय जनता दल के साथ-साथ रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी और शिबू शोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा भी इस होड़ में शामिल हो गई है.
करुणानिधि की पार्टी द्रमुक ने भी सरकार में शामिल होने का फ़ैसला कर लिया है और प्रमुख मंत्रालय हासिल करने की होड़ में वे भी शामिल हैं.
वैसे वामपंथी दल, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने सरकार को बाहर से समर्थन देने का फ़ैसला किया है.
लेकिन शरद पवार की राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी को काँग्रेस की ओर से सरकार में शामिल होने का आमंत्रण मिला है और पार्टी जल्द ही इस पर फ़ैसला करेगी.