काँग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने कहा है कि मनमोहन सिंह के हाथों में भारत सरकार सुरक्षित है.
राष्ट्रपति द्वारा मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री नियुक्त करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सोनिया गाँधी ने कहा कि वे अब ख़ुश हैं.
सोनिया ने काँग्रेस सांसदों द्वारा उन पर फ़ैसला बदलने के लिए डाले गए दबाव के बारे में कहा, "इतने दबाव से आप पर कुछ असर तो होता ही है."
लेकिन अब वे ख़ुश हैं कि क्योंकि आख़िरी फ़ैसला ले लिया गया है. राष्ट्रपति से मुलाक़ात करने मनमोहन सिंह के साथ सोनिया गाँधी भी गईं थीं.
सोनिया गाँधी के प्रधानमंत्री का पद न संभालने के फ़ैसले के बाद ही चर्चा थी कि मनमोहन सिंह उनकी पहली पसंद है.
लेकिन अभी भी सोनिया गाँधी के घर के बाहर सैकड़ों की संख्या में काँग्रेसी कार्यकर्ता जमा हैं.
बुधवार सुबह से ही एक बार फिर सोनिया गाँधी पर अपना फ़ैसला बदलने का दबाव बढ़ा था.
काँग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं सहित सहयोगी दलों के नेताओं ने भी सोनिया गाँधी से मुलाक़ात की थी लेकिन वे अपने फ़ैसले पर अटल रहीं.