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सोनिया फ़ैसला नहीं बदलेंगी, नया नेता चुना जाएगा

पार्टी सांसदों के दबाव के बावजूद सोनिया गाँधी ने प्रधानमंत्री न बनने का फ़ैसला बदलने से इनकार कर दिया है.

सांसदों ने नया नेता चुनने की ज़िम्मेदारी सोनिया को ही दे दी है.

दिन भर चली राजनीतिक हलचलों के बाद काँग्रेस संसदीय दल की बैठक में सोनिया गाँधी ने अपने फ़ैसले की घोषणा की.

संसदीय दल की बैठक को संबोधित करते हुए सोनिया गाँधी ने कहा कि उन्होंने अपने मन की आवाज़ पर यह फ़ैसला किया है.

सोनिया ने कहा, "प्रधानमंत्री का पद कभी भी मेरा लक्ष्य नहीं रहा है. मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर यह फ़ैसला लिया है."

बाद में पार्टी के कई वरिष्ठ सांसदों ने सोनिया गाँधी से मनुहार किया कि वे अपने फ़ैसले पर फिर से विचार करें.

चर्चा है कि पूर्व वित्त मंत्री मनमोहन सिंह सोनिया गाँधी की पहली पसंद हैं.

इससे पहले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने भी पत्रकारों को सोनिया गाँधी के फ़ैसले की जानकारी दी.

येचुरी ने कहा, "काँग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने हमसे मुलाक़ात करके यह बताया है कि काँग्रेस संसदीय दल अपना नया नेता चुनने जा रहा है."

मंगलवार को सोनिया गाँधी के राष्ट्रपति से मिलने के बावजूद सरकार बनाने का दावा न पेश करने के बाद से ही स्थानीय मीडिया में ख़बरों का बाज़ार गर्म हो गया कि सोनिया प्रधानमंत्री पद स्वीकार करना नहीं चाहती.

सोमवार को भी देर शाम तक इस तरह की अटकलें चलती रहीं, लेकिन बाद में काँग्रेस के वरिष्ठ नेता मनमोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि ये सब सिर्फ़ अफ़वाहें हैं.

लेकिन मंगलवार को भी सोनिया गाँधी राष्ट्रपति से मुलाक़ात करने के बाद अपनी पार्टी और सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेताओं से मिलती रहीं.

और फिर काँग्रेस के वरिष्ठ नेता सीपीएम नेताओं से मिले और उन्हें सोनिया गाँधी के फ़ैसले के बारे में जानकारी दी.

राष्ट्रपति से मुलाक़ात

इससे पहले सोनिया गाँधी राष्ट्रपति कलाम से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुँचीं.

उन्होंने राष्ट्रपति भवन से बाहर आकर बताया कि राष्ट्रपति कलाम ने उनसे सरकार बनाने लायक समर्थन के और सबूत माँगे हैं.

राष्ट्रपति ने सोनिया गांधी को सोमवार को बातचीत के लिए बुलाया था जिसके बाद समझा जा रहा था कि राष्ट्रपति से मुलाक़ात के बाद तस्वीर साफ़ हो जाएगी.

सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति कलाम के साथ 20 मिनट की मुलाक़ात के बाद कहा कि ये एक प्रारंभिक मुलाक़ात थी.

उन्होंने कहा,"राष्ट्रपति ये जानना चाहते थे कि कौन पार्टियाँ हमें भीतर से और कौन बाहर से समर्थन दे रही हैं".

सोनिया ने कहा कि राष्ट्रपति कलाम ने उनसे कहा कि समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल ने अपने समर्थन पत्र उन्हें सौंप दिए हैं.