गुरुवार, 13 मई, 2004 को 08:59 GMT तक के समाचार
भारतीय जनता पार्टी ने आम चुनाव में मिली हार स्वीकार कर ली है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्रपति से मिलकर इस्तीफ़ा दे दिया है.
इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने कहा है कि पार्टी विपक्ष में बैठने के लिए तैयार है.
ये नतीजे भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के लिए काफ़ी बड़ा झटका माने जा रहे हैं.
भाजपा ने 'फ़ीलगुड' और 'इंडिया शाइनिंग' जैसे नारे दिए थे. उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने 'भारत उदय रथयात्रा' निकाली और उसके बाद उनका कहना था कि उन्हें पार्टी के पक्ष में हवा दिखाई दे रही है.
मगर नतीजों ने सारे दावे झूठे साबित कर दिए हैं.
माना जा रहा था कि भाजपा को चुनाव प्रबंधन में महारत हासिल है मगर उसका प्रबंधन काम नहीं आया है.
कांग्रेस ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन किए और उसे इसका पूरा फ़ायदा भी मिला है.
करारा झटका
चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों से लेकर एक्ज़िट पोल तक किसी ने भी एनडीए के लिए इतनी बड़ी हार की भविष्यवाणी नहीं की थी.
ये तो माना जा रहा था कि कांग्रेस को फ़ायदा होगा मगर उसका गठबंधन इस तरह जीत हासिल करेगा इसकी किसी को उम्मीद भी नहीं थी.
भाजपा और उसके सहयोगी दलों को कई प्रदेशों में करारा झटका लगा है. दक्षिणी राज्यों में कर्नाटक को छोड़कर बाक़ी सभी राज्यों से उसका सफ़ाया हो गया है.
पार्टी कर्नाटक को 'दक्षिण का प्रवेश द्वार' मान रही थी मगर लगता है जैसे द्वार से घुसकर दूसरी ओर से उसकी निकासी हो गई है.
गुजरात में भी भाजपा की उम्मीद के उलट नतीजे आए हैं जबकि बिहार में उसके गठबंधन को भारी नुक़सान हुआ है.
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में पिछली बार भाजपा को सात की सातों सीटों पर जीत मिली थी जबकि इस बार उसे दक्षिण दिल्ली की ही सीट मिल सकी है.