चुनाव आयोग ने फ़ैसला किया है कि वह अपराधियों के चुनाव लड़ने के मामले में पटना हाईकोर्ट के आदेश के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका दायर करेगी.
इसके अलावा वह एक वोटर को मतदान करने में अड़चन पहुँचाने के आरोप में जम्मू-कश्मीर में सत्तारुढ़ पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज कराने जा रही है.
चुनाव आयोग की मंगलवार को हुई बैठक के बाद ये फ़ैसले लिए गए हैं.
पटना हाईकोर्ट
उप चुनाव आयुक्त एएन झा के अनुसार चुनाव आयोग ने पटना हाईकोर्ट के फ़ैसले का अध्ययन करने के बाद फ़ैसला किया है कि इसके ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर करेगी.
![]() भाजपा उम्मीदवार राजीव प्रताप रूड़ी ने छपरा में पुनर्मतदान की माँग की है |
उल्लेखनीय है कि पिछले हफ़्ते पटना हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में चुनाव आयोग से पूछा था कि आपराधिक छवि वाले जो लोग मतदान नहीं कर सकते उन्हें चुनाव लड़ने का अधिकार किस तरह दिया जा सकता है.
उप चुनाव आयुक्त एएन झा का कहना है कि जल्दी ही आयोग सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगा.
वैसे इस मामले में वरिष्ठ वकील शांतिभूषण का कहना है कि मतदान का अधिकार इसलिए नहीं होता क्योंकि जेल में मतदान का अधिकार नहीं होता.
उनका कहना है कि लेकिन सिर्फ़ जेल में होने से किसी को चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता जब तक कि अदालत ने उनको दोषी न ठहरा दिया हो.
महबूबा के ख़िलाफ़ रिपोर्ट
चुनाव आयोग ने पीडीपी की नेता महबूबा मुफ़्ती के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करवाने का फैसला भी किया है.
![]() महबूबा मुफ़्ती के विरुद्ध चुनाव आयोग ने एफ़आईआर दर्ज करवाने का फ़ैसला किया है |
इस घटना की चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज की गई थी और नेशनल कांफ़्रेंस ने धमकी दी थी कि यदि महबूबा मुफ़्ती के ख़िलाफ़ कार्रवाई नहीं की गई तो वह चुनाव प्रक्रिया से अलग हो जाएगा.
छपरा
बिहार के छपरा में चुनावी गड़बड़ियों की जाँच करके चुनाव आयोग की टीम लौट आई है.
आयोग के अनुसार यह टीम अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है और जैसे ही रिपोर्ट तैयार हो जाएगी आयोग इस पर फ़ैसला लेगा.
यह पूछे जाने पर कि क्या छपरा का चुनाव रद्द होने की भी संभावना भी है, उप चुनाव आयुक्त ने कहा कि टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा.
उल्लेखनीय है कि छपरा में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ रहे केंद्रीयमंत्री राजीव प्रताप रूड़ी ने मतदान के दौरान गड़बड़ी की शिकायत की थी.
इसके बाद चुनाव आयोग ने दो सदस्यों की एक टीम को जाँच के लिए छपरा भेजा था.