उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट ने मधुमिता शुक्ला हत्याकाण्ड के मुख्य अभियुक्त पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की ज़मानत मंज़ूर कर ली है.
अमरमणि पिछले आठ महीने से जेल में थे.
इससे पहले कोर्ट ने उनकी ज़मानत याचिका यह कहकर नामंज़ूर कर दी थी कि जब तक मामले की दूसरी अभियुक्त और उनकी पत्नी मधुमणि त्रिपाठी आत्मसमर्पण नहीं कर देतीं, तब तक ज़मानत पर सुनवाई नहीं होगी.
हाल ही में मधुमणि ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था.
अमरमणि त्रिपाठी उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के मंत्रिमंडल में मंत्री थे.
कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या का ये मामला काफ़ी चर्चा में रहा था और उसकी एक वजह यह भी थी कि यह प्रधानमंत्री के चुनाव-क्षेत्र में हुआ.
इसके बाद जो राजनीतिक उथलपुथल हुई उसमें त्रिपाठी को सरकार से बाहर होना पड़ा.
फिर यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था.
प्रेम संबंधों का शक
सीबीआई का कहना है कि मधुमिता शुक्ला अमरमणि त्रिपाठी के बच्चे का माँ बनने वाली थीं और यह प्रेम संबंध त्रिपाठी दम्पति की प्रतिष्ठा के लिए नुक़सान पहुँचाने लगे थे.
अमरमणि त्रिपाठी इन आरोपों का खंडन करते रहे हैं कि मधुमिता शुक्ला की हत्या से उनका कुछ लेना देना है.
उनका कहना है कि वह मधुमिता शुक्ला से सिर्फ़ दो बार मिले थे.
मधुमिता शुक्ला की पिछले वर्ष नौ मई को हत्या कर दी गई थी.
अपनी गिरफ़्तारी के बाद उन्होंने इस गिरफ़्तारी को एक राजनीतिक साज़िश बताया.
वह हाल ही में बहुजन समाज पार्टी छोड़ कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे.