(बिंदास बाबू की डायरी)
बीबीसी के श्रोताओं, सबको राम-राम जी, सलाम जी, सत श्री अकाल जी और जो बोले सो निहाल जी.
बात ये हैगी जी कि पंजाब का पुत्तर नवजोत सिंह सिद्धू अमृतसर से पर्चा भर रहा हैगा. यूँ तो जी अगर वह रावलपिंडी से भी पर्चा भर दे तो वहाँ से भी जीत के आ जाएगा. लेकिन जी गल ऐसी हैगी कि पुत्तर को अपनी मातरभूमि ज़्यादा सोंड़ी लगदी हैगी. इसलिए वो यहाँ से पर्चा भर रहा है जी.
इस करके जी मुंडा अमृतसर दे मैदान विच जब पिच में खड़ा हो गया सी तो तुसी सुड़ों उसकी स्पीच.
बड़ा प्यारा बोल रहा हैगा,बिल्कुल वैसा ही बोल रहा हैगा जैसा रावलपिंडी दे पिच के बाजू में बोलता था. लो जी तुसी भी सुड़ों, बीबीसी के पाठकों,
हैलो, सतश्रीअकाल, जो बोले सो निहाल,
देखो जी, ये जो चुनाव होता हैगा जी, ये क्रिकेट के मैच की तरह होता हैगा जी.
समाज एक पिच होता है, वोट बॉल की तरह टप्पा खा कर आती हैगी जी, कभी-कभी रिवर्स स्विंग भी हो जाती है. कैंडीडेट के पास मज़बूत, शक्तिशाली, पॉवरफ़ुल बल्ला होना चाहिए.
बस दे दनादन कर दो जी, देखो भ्राओं, पुष्प की सुगंध हवा के विपरीत नहीं जाती, हिमालय पर कोई साइकिल नहीं चला सकता. पवन की हवा में, मौसम के अच्छे वैदर में, गति की अच्छी स्पीड में अगर कोई अचल खड़ा हो, उसे कहते हैं नवजोत सिंह सिद्धू.
आप एक सवाल पूछो और जो जवाब में पाँच मिनट बोले तो समझना कि सिद्धू गल कर रहा है जी.
चाहे विषय पर बोले, चाहे सब्जैक्ट पर बोले, बात एक ही है जी.
जिस तरह भारतीय इंडियन टीम ने पाकिस्तान की सरज़मीं पर झंडे गाड़ दिए, उसी तरह जिसने अपनी कमैंट्री से दुश्मन के दाँत खट्टे कर दिए, जो किसी को बोलने न दे, सो समझना, त्वाडा प्यारा सिद्धू बोल रहा हैगा.
बस एक मंत्र याद रखना, बॉल को ठोकना लेकिन सिद्धू को बोलने से कभी मत रोकना. वर्ना आप जानते ही हो, आगे वो और ज़ोर से बोलेगा.
सत्य की जीत होती हैगी जी, धरम की विजय होती हैगी जी, आप सत्य हो जी, क्रिकेट मेरा धर्म है जी, अभी पाकिस्तान में जिताया है जी, अभी तो अमरीका से खेलना है जी, वोट को अपने दिल की तरह मेरी तरफ़ फैंक देना जी, दिल बॉल के साइज़ का होता है जी, लाइन-लैंथ ठीक करके रखना जी, जीतने के बाद भी सबकी बोलती बंद करने वाली कमैंट्री जारी रहेगी जी.