लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं.
पहले चरण के चुनाव में 13 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में 140 सीटों के लिए मत डाले जा रहे हैं.
चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी सीटों के लिए सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है और संवेदनशील इलाक़ों में विशेष इंतज़ाम किए गए हैं.
जम्मू-कश्मीर में लश्करे तैबा और जैशे मोहम्मद जैसे संगठनों की गड़बड़ी फैलाने की धमकियों को देखते हुए राज्य की दोनों सीटों के लिए सख़्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं.
इसी तरह छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में भी नक्सल हिंसा से प्रभावित इलाक़ों में व्यापक सुरक्षा की गई है.
इन राज्यों में सीआरपीएफ़, सीआईएसएफ़, बीएसएफ़ और आईटीबीपी के अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है.
बिहार और झारखंड
![]() बिहार में अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियाँ तैनात की गई हैं |
बिहार के 11 और उसके पड़ोसी राज्य झारखंड में छह सीटों पर मत डाले जाएँगे.
इन राज्यों के नक्सल प्रभावित हिस्सों में दो माओवादी विद्रोही संगठनों, पीपुल्स वार और एमसीसी, ने चुनाव बहिष्कार का एलान किया है जिसे देखते हुए इन इलाक़ों में भी सुरक्षा के ख़ास इंतज़ाम किए गए हैं.
यहाँ अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियों के अतिरिक्त राज्य पुलिस को भी तैनात किया गया है.
बिहार चुनाव के समय हिंसा के लिए बदनाम रहा है और इस बार पहले चरण के मतदान तक वहाँ चुनाव संबंधित हिंसा में कम-से-कम छह लोग मारे गए हैं और लगभग 30 लोग घायल हो गए हैं.
दोनों राज्यों में कम-से-कम 12,000 मतदान केंद्रों को संवेदनशील या अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है.
आंध्र प्रदेश
उधर आंध्र प्रदेश में भी मंगलवार को 21 लोकसभा सीटों और विधानसभा की लगभग 150 सीटों के लिए मतदान होगा जिसके लिए व्यापक सुरक्षा की गई है.
राज्य में मतदान से एक दिन पहले तेलुगु देसम पार्टी के वरिष्ठ नेता येरन नायडु एक बारुदी सुरंग से किए गए हमले में बाल-बाल बच गए.
राज्य के पुलिस प्रमुख एस आर सुकुमार ने बताया है कि पूरे राज्य में 75,000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है.