शनिवार, 17 अप्रैल, 2004 को 14:44 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीकानेर से
शोले के वीरू के लिए राजनीति का यह पहला पाठ होगा. कहानी यहाँ भी सिनेमा की पटकथा की तरह घूम रही है.
इसमें नाटकीयता है, सस्पेंस है और रोमांच भी.
राजस्थान में बीकानेर से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार धर्मेंद्र के वैवाहिक जीवन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.
कांग्रेस ने धर्मेंद्र पर अपने वैवाहिक जीवन के बारे में तथ्य छिपाने का आरोप लगाया है लेकिन भाजपा इन आरोपों को निराधार बता रही है.
हिंदी सिनेमा के हीरो धर्मेंद्र ने राजनीति में क़दम रखा ही था कि विवादों ने उन्हें घेर लिया. कांग्रेस ने धर्मेंद्र पर धर्म-परिवर्तन करके ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी से विवाह की बात छिपाने का आरोप लगाया.
धर्मेंद्र ने बीकानेर से नामांकन पत्र दाखिल करते समय पत्नी की संपत्ति का ज़िक्र तो किया पर पत्नी का नाम नहीं भरा. इससे कांग्रेस को एक मुद्दा मिल गया है.
दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने इसे गंभीर मुद्दा बताया है. राजस्थान में कांग्रेस चुनाव अभियान के प्रभारी नवल किशोर शर्मा ने इसे चुनावी मुद्दा बनाने की घोषणा कर धर्मेंद्र की मुसाबतें और बढ़ा दी हैं.
धर्मसंकट में धर्मेंद्र
भाजपा खुलकर धर्मेंद्र के बचाव में खड़ी हो गई है. राजस्थान भाजपा के उपाध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने बीबीसी से कहा, ''देश के सौ करोड़ लोग, इतालियन नागरिक क्वात्रोची से सोनिया गांधी के क्या संबंध थे, जानना चाहते हैं. कांग्रेस पहले इसके बारे में बताए."
यह कहानी मध्य प्रदेश के इंदौर से शुरू हुई जहाँ कांग्रेस के दो नेताओं ने चुनाव आयोग से शिकायत की कि धर्मेंद्र ने स्वप्नसुंदरी हेमा मालिनी के साथ इस्लामी रीति-रिवाज़ से अपने विवाह की बात को छिपाया है.
शिकायत के मुताबिक धर्मेंद्र ने दिलावर ख़ान और हेमा मालिनी ने आयशा बी बनकर विवाह किया था.
हेमा मालिनी ने राज्यसभा को दी गई जानकारी में पति के रूप में धर्मेंद्र देयोल का नाम दर्ज़ कराया है.
उधर राँची में भाजपा के लिए चुनाव प्रचार कर रहे धर्मेंद्र अपने विरोधियों पर जमकर बरसे और कहा कि वो धर्म बदलने वालों में नहीं हैं.
बहरहाल, विवाद अभी तूल पकड़ रहा है. लोग इस एपीसोड की अगली कड़ी का इंतज़ार कर रहे हैं.