राष्ट्रीय जनता दल के नेता रघुवंश प्रसाद सिंह का कहना है कि बिहार की जनता इस बार एनडीए से नाराज़ हैं और केंद्र सरकार के सौतेले और दुश्मनों जैसे बर्ताव का बदला ज़रूर लेंगे.
वैशाली संसदीय क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान बीबीसी हिंदी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि बिहार की जनता इस लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रत्याशियों को 40 में से एक भी सीट नहीं जीतने देगी.
केंद्र सरकार पर सीधे हमला करते हुए उन्होंने आरोप लगाए कि असम और मुंबई में बिहार के लोगों पर हुए हमले और अपमान पर एनडीए सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की.
उन्होंने केंद्र सरकार की शिकायत करते हुए कहा कि बिहार के लोगों के 37 हज़ार करोड़ रूपये बैंकों में है जबकि आंध्र प्रदेश जैसे विकसित राज्य के लोगों के महज 26 हज़ार करोड़ रूपए बैंकों में जमा हैं, इसके बावजूद सारा निवेश अन्य राज्यों में ही किया जा रहा है.
केंद्र के ज़िम्मे
![]() रघुवंश प्रसाद सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार का व्यवहार सौतेला है |
उनका कहना था, '' ऊपर से केंद्र जहाँ बाकी राज्यों के लिए अतिरिक्त सहायताएँ स्वीकृत करती रहती है, वहीं बिहार को उसके हिस्से का भी पैसा नहीं दिया जाता.''
हालांकि वैशाली संसदीय क्षेत्र में स्थित ‘काँटी थर्मल पॉवर प्लांट’ के बाहर एक चुनावी सभा में बोलते हुए रघुवंश ने उससे जुड़ी समस्याओं पर एक शब्द भी नहीं कहा लेकिन बीबीसी से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ये इस बार चुनावी मुद्दा है और वो इस मुद्दे पर ही जार्ज को पछाड़ेंगे.
जहां नितीश के दो जगहों से चुनाव लड़ने को वे डर कर भागना बताते हैं, वहीं लालू प्रसाद यादव के मधेपुरा और छपरा से चुनाव लड़ने को उन्होंने भावनात्मक कारण बताया.
हालांकि लालू पिछले चुनाव में मधेपुरा से चुनाव हार गए थे मगर रघुवंश कहते हैं कि इस बार मधेपुरा के लोग अपने ऊपर लगे इस कलंक को धोना चाहते हैं.