चुनाव का दौर जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है वैसे-वैसे देश भर में हलचल भी तेज़ होती जा रही है.
राहुल गाँधी के बाद नामांकन की बारी सोनिया की थी तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के संयोजक जॉर्ज फ़र्नाडिस ने अयोध्या मसले को राजग के घोषणापत्र में शामिल करने का ऐलान कर दिया.
मगर इन सबसे अलग पूरे चुनावी दौर पर नज़र रख रहे चुनाव आयोग ने दिन की शुरूआत की सर्वदलीय बैठक से.
चुनाव आयोग
चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर एक बार फिर ज़ोर दिया और विभिन्न मीडिया संगठनों की ओर से हो रहे चुनाव सर्वेक्षणों पर रोक के बारे में एक-दो दिन में फ़ैसला लेने की बात कही.
![]() चुनाव पूर्व सर्वेक्षण रोकने पर सहमति बनी |
वैसे सभी दलों में मोटे तौर पर तो इस बात पर सहमति थी ही. ये भी फ़ैसला हो सकता है कि मतदान बाद होने वाले सर्वेक्षण पूरी वोटिंग के बाद ही प्रसारित किए जाएँ.
वहीं विदेशी मूल के मसले पर इस बैठक में आम सहमति नहीं बनी. साथ ही व्यक्तिगत छींटाकशी के बारे में भी बैठक में कोई आम राय नहीं बन सकी.
भाजपा ने विदेशी मूल के मसले को व्यक्तिगत छींटाकशी नहीं मानते हुए इसे एक राजनीतिक मुद्दा बताया.
सोनिया का नामांकन
कांग्रेस प्रमुख सोनिया गाँधी ने रायबरेली सीट से नामांकन पत्र दाख़िल कर दिया है.
पूरे गाजे-बाजे के साथ उन्होंने पर्चा दाख़िल किया.
इस मौक़े पर बीबीसी हिंदी सेवा से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी जिए भी देश के लिए और देश के लिए ही अपनी जान भी दे दी.
उनका कहना था कि इसी तरह वह भी किसी और तरह से मरने की जगह देश की सेवा करते हुए अपनी जान देना चाहेंगी.
अयोध्या
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन इस बार के घोषणा पत्र में अयोध्या मसला शामिल करने पर राज़ी हो गया है.
![]() एनडीए के संयोजक के रूख़ में बदलाव |
इसका संकेत मिला जॉर्ज फ़र्नांडिस के बिहार में दिए इस बयान से जिसमें कहा गया था कि राजग घोषणा पत्र में अयोध्या का मसला बातचीत के ज़रिए हल करने की कोशिशों से जुड़ा वायदा करेगा.
इस घोषणा पत्र में विदेशी मूल के मसले पर भी ध्यान दिया जा रहा है. विदेशी मूल के व्यक्ति को देश के सांवैधानिक पदों पर बैठने से रोकने के लिए क़ानून बनाने का वायदा भी किया जा सकता है.
यह घोषणा पत्र आठ अप्रैल को प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जारी करेंगे.
भाजपा की देशव्यापी रैलियाँ
भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी की स्थापना की रजत जयंती के मौक़े पर देश भर में रैलियाँ आयोजित कीं.
![]() आडवाणी अयोध्या के एक मंदिर में गए |
देश भर में हुईं रैलियों में पार्टी के शीर्षस्थ नेताओं ने हिस्सा लिया. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गुवाहाटी में जनसभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र में सक्रिय चरमपंथियों से आह्वान किया कि वे हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो जाएँ.
उधर उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने अयोध्या में एक रैली आयोजित की. आडवाणी 11 साल बाद अयोध्या गए थे.
अयोध्या में आडवाणी का भारी स्वागत किया गया जहाँ उन्होंने कहा कि भाजपा अब भी राम मंदिर बनवाना चाहती है.
उन्होंने कहा कि इस विवाद को बातचीत के ज़रिए सुलझाने की कोशिश भाजपा करती रहेगी.
एके-47 का मुद्दा उठा
कांग्रेस ने एके-47 राइफ़लों की ख़रीद का मामला उठाते हुए एक बार फिर कहा कि सरकार को इस सौदे को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना होगा.
कांग्रेस के प्रवक्ता कपिल सिब्बल ने इस मामले की सीबीआई से जाँच कराने की माँग की है.
वहीं कांग्रेस ने इस बात पर आश्चर्य जाहिर किया कि प्रधानमंत्री वाजपेयी ने स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया था.
कांग्रेस ने भी उस कथित हलफ़नामे की प्रतियाँ जारी कीं जो वाजपेयी ने 1942 में द्वितीय श्रेणी के एक मजिस्ट्रेट के सामने दी थी.