भारत के उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने मंगलवार को अयोध्या में विवादास्पद स्थल का दौरा किया.
आडवाणी पहली बार इस अस्थायी मंदिर में गए जो 1992 में बाबरी मस्जिद के ढहाए जाने के बाद उस जगह पर बनाया गया था.
आडवाणी ने विवादास्पद स्थल पर भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच पूजा की.
बाद में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए हुए आँदोलन ने भारतीय जनता पार्टी को भारतीय राजनीति में एक अहम स्थान दिलाने में सहायता की.
आडवाणी भारतीय जनता पार्टी की स्थापना की 24वीं वर्षगांठ पर अयोध्या गए.
हल की उम्मीद
आडवाणी ने उम्मीद जताई कि चुनाव के बाद भाजपा के सत्ता में आने पर अयोध्या मामले का कोई सर्वमान्य हल ढूंढ लिया जाएगा.
उन्होंने कहा,"मुझे विश्वास है कि अयोध्या में मंदिर बनाने के लिए जो प्रयास चल रहे हैं उनमें नई सरकार के आने पर सफलता मिल सकेगी".
ये पूछे जाने पर कि पिछले छह वर्षों में भाजपा सरकार के सत्ता में रहने पर राम मंदिर निर्माण संभव क्यों नहीं हो पाया, आडवाणी ने कहा,"पहले कटुता और विरोध बहुत थे, मगर जब हमने बातचीत कर कोई हल निकालने की कोशिश की तो पाया कि ये संभव है".
अगला पड़ाव बिहार
आडवाणी अपनी भारत उदय यात्रा के सिलसिले में अयोध्या पहुँचे थे.
बुधवार को आडवाणी अपने काफ़िले के साथ बिहार जा रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि 1989 में आडवाणी की यात्रा के समय उन्हें बिहार में प्रवेश के दौरान गिरफ़्तार कर लिया गया था.
इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार से समर्थन वापस ले लिया था जिसके बाद राष्ट्रीय मोर्चा सरकार गिर गई थी.