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अमरीका का पाकिस्तान को 'इनाम'

अमरीका ने पाकिस्तान पर लगे वो प्रतिबंध हटा लिए हैं जो 1999 में वहाँ सैनिक शासन लागू होने के बाद लगाए गए थे.

तब सेनाध्यक्ष रहे जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने 1999 में प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की लोकतांत्रिक सरकार को हटाकर सत्ता पर कब्ज़ा किया था.

फिर उन्होंने एक 'जनमत संग्रह' के ज़रिए अपने शासन को 'वैध' ठहराया था.

समाचार एजेंसियों के अनुसार अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का कहना है,"इस फ़ैसले से पाकिस्तान में लोकतंत्र कायम करने में और अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में मदद मिलेगी."

समाचार एजंसी रॉयटर्स का कहना है कि इस फ़ैसले के बाद पाकिस्तान को अमरीका की ओर से आर्थिक सहायता मिल सकेगी.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार इस फ़ैसले से अमरीका से पाकिस्तान को की जाने वाले निर्यात पर लगी पाबंदी हट जाएगी.

ये प्रतिबंध अमरीका उन देशों पर लगाता है जहाँ लोकतांत्रिक सरकार को सत्ता से हटाया जाता है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल को इस विषय में आगे कदम उठाने और अमरीकी संसद काँग्रेस को सूचित करने के बारे में कहा गया है.

हाल ही में अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान घोषणा की थी कि अमरीका पाकिस्तान को प्रमुख ग़ैर-नैटो सहयोगी का दर्जा देगा.

इस पर भारत ने निराशा जताई थी और कहा था कि ऐसा करने से भारत-अमरीका संबंधों पर असर पड़ सकता है.