अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने घोषणा की है कि अमरीका पाकिस्तान को प्रमुख ग़ैर-नैटो सहयोगी का दर्जा देगा.
पॉवेल इस समय पाकिस्तान के दौरे पर हैं.
उन्होंने कहा है कि यह दर्जा देने के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग में बढ़ोत्तरी की जा सकेगी.
संवाददाताओं का कहना है कि यह दर्जा मिल जाने के बाद पाकिस्तान को अमरीका के सैन्य उपकरण आसानी से मिल सकेंगे.
इससे पहले पाकिस्तान पहुँचने पर कॉलिन पॉवेल ने भारत से रिश्ते सुधारने, परमाणु हथियारों का प्रसार रोकने और आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में सहयोग के लिए राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की तारीफ़ की.
उल्लेखनीय है कि पॉवेल का दौरा उस समय हो रहा है जब पाकिस्तान में अफ़ग़ानिस्तान से लगी सीमा पर अल क़ायदा और तालेबान के समर्थक चरमपंथियों के ख़िलाफ़ बड़ी कार्रवाई चल रही है.
उन्होंने इस कार्रवाई में 15 सैनिकों के मारे जाने पर दुख जताया और कहा कि इस कार्रवाई को बढ़ाने की ज़रुरत है.
उनका कहना था कि परमाणु वैज्ञानिक अब्दुल क़दीर ख़ान के मामले में कई अनुत्तरित सवालों के जवाब जानने की कोशिश की जा रह है.
इनमें एक महत्वपूर्ण सवाल है कि क्या उस समय की सरकार को इसकी जानकारी थी?
इस्लामाबाद में बीबीसी के संवाददाता का कहना है कि पाकिस्तान में परवेज़ मुशर्रफ़ जिन परेशानियों का सामना कर रहे हैं, लोग मानते हैं कि उसका एक बड़ा कारण उनका अमरीका प्रेम है.