भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी गुरूवार को पंजाब में थे जहाँ उन्होंने पंजाब में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के चुनाव अभियान की शुरूआत की.
पटियाला के पोलो ग्राउंड में अपनी चुनावी सभा में अपने भाषण में उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह ऐसी नीतियाँ लागू कर रही है जो लोकतात्रिक परंपराओं से परे हैं.
वाजपेयी ने कहा कि उन्होंने समस्याओं के समाधान के लिए पंजाब सरकार को बातचीत के लिए बुलाया मगर उन्होंने मिलने से मना कर दिया.
वाजपेयी ने कहा,"उन्होंने कहा, बातचीत नहीं करेंगे, धरना देंगे, ये क्या लोकतंत्र का तरीक़ा है, उन्हें चिंता पंजाब की नहीं, पार्टी की है".
पंजाब की मुख्य विपक्षी पार्टी शिरोमणि अकाली दल राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की एक प्रमुख घटक है.
पिछले चुनाव में कांग्रेस ने पंजाब में लोकसभा की 13 में आठ सीटें जीती थीं. दो सीट पर अकाली दल और एक पर भाजपा जीती थी जबकि दो सीटों पर अन्य उम्मीदवार जीते.
जवाबी रथयात्रा
![]() एस एम कृष्णा ने अपनी यात्रा की शुरूआत एक मील लंबे काफ़िले से की |
कर्नाटक के मुख्यमंत्री एस एम कृष्णा ने चुनाव प्रचार के लिए यात्रा शुरू की है जिसका नाम रखा गया है विजयदुंभि.
समझा जाता है कि कांग्रेस नेता ने अपनी ये यात्रा भाजपा नेता एल के आडवाणी की भारत उदय यात्रा का जवाब देने के लिए शुरू की है.
आडवाणी ने पिछले दिनों अपने रथरूपी बस पर सवार होकर कर्नाटक में विभिन्न स्थानों का चुनावी दौरा किया था.
एस एम कृष्णा की बस भी आडवाणी की बस से ही मिलती-जुलती है और इसमें भी एक लिफ़्ट लगी है जिससे कृष्णा बाहर निकलकर बस से ही मतदाताओं से बात करते हैं.
वैसे ये बात अलग है कि एस एम कृष्णा अपनी यात्रा को आडवाणी की यात्रा का जवाब नहीं मान रहे हैं.
आडवाणी आंध्र प्रदेश में
अपनी तीसरी रथयात्रा पर निकले एल के आडवाणी अपनी यात्रा के नवें दिन गुरूवार को आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र के जगित्याल शहर पहुँचे.
उन्होंने यहाँ एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि देश में दो बच्चों की नीति के कड़ाई से पालन के लिए राजनीतिक सहमति बनाई जानी ज़रूरी है.
साथ ही उन्होंने यूरोप के लोकतांत्रिक देशों की ही तरह भारत में भी किसी सरकार के लिए पाँच साल का कार्यकाल निर्धारित करने और लोकसभा के साथ ही राज्यों की विधानसभाओं के लिए भी चुनाव करवाए जाने की हिमायत की.