पाकिस्तान के मनोरंजन उद्योग का एक शिष्टमंडल 40 सालों में पहली बार भारतीय फ़िल्म उद्योग के लोगों से मुलाक़ात कर रहा है.
जैसे-जैसे दोनों पड़ोसी देशों के संबंधों में सुधार की प्रक्रिया जारी है, पाकिस्तान के 20 फ़िल्म-निर्माताओं, निर्देशकों और तकनीशियनों का एक दल मुंबई गया है.
पाकिस्तानी शिष्टमंडल ने भारतीय फ़िल्म उद्योग से कहा है कि वह पाकिस्तान विरोधी फ़िल्में बनाना बंद कर दे.
सुझाव
पाकिस्तानी दल ने भारतीय फ़िल्मों के लिए पाकिस्तान में एक वैध चैलन शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है.
इस समय पाकिस्तान में हिंदी फ़िल्में दिखाने पर प्रतिबंध है.
पाकिस्तानी शिष्टमंडल के सदस्य फ़्रेम्स मनोरंजन उत्सव में शामिल होने के लिए मुंबई पहुँचे हैं.
सम्मेलन में भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्री, रविशंकर प्रसाद ने दोनों देशों के बीच एक सहमति पत्र तैयार करने की बात की.
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐसे मेल-मिलाप से दक्षिण एशिया विश्व मानचित्र पर आ जाएगा.
प्रयास
दोनों देशों के फ़िल्म उद्योगों के बीच मेल-मिलाप के ये प्रयास एक ऐसे समय पर हो रहे हैं जब भारत की क्रिकेट टीम 14 सालों में पहली बार पाकिस्तान का ऐतिहासिक दौरा कर रही है.
ब्रिटेन की सांस्कृतिक मामलों की मंत्री टेसा जॉवेल भी फ़्रेम्स उत्सव में शामिल हुई हैं.
वे वहाँ बॉलीवुड फ़िल्म निर्माताओं को ब्रिटेन में जाकर और ज़्यादा फ़िल्में बनाने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रही हैं.