उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी का मानना है कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पार्टी इस लोकसभा चुनाव में सैकड़ा भी पार नहीं कर सकेगी.
आडवाणी ने 'भारत उदय' यात्रा के दौरान बीबीसी हिंदी सेवा से विशेष बातचीत में कहा, "हमें तो लग रहा है कि भाजपा का अब कोई विकल्प ही नहीं रह गया है."
उनका कहना था कि भाजपा 1984 के बाद से ही लगातार बढ़ रही है और कांग्रेस का समर्थन तो अब इतना घट चुका है कि इस बार वह शायद सैकड़ा भी पार नहीं कर सके.
आडवाणी ने कांग्रेस की ओर से जताई गई इस संभावना से इनकार किया कि भविष्य में देश में दो पार्टियों वाली लोकतांत्रिक प्रणाली ही संभव होगी.
उन्होंने कहा, "जब ये कहा जाता है कि भविष्य में एक ही पार्टी अकेले दम पर सरकार बना सकेगी तो इससे एक अहंकार झलकता है कि कांग्रेस को छोड़कर कोई और पार्टी सत्ता में आ ही नहीं सकती."
उपप्रधानमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय दलों को ये समझना चाहिए कि कांग्रेस ने कभी भी, किसी भी पार्टी को जब समर्थन दिया है तो वह सरकार साल भर से ज़्यादा नहीं चलने दी है.
उन्होंने स्वीकार किया कि देश में काफ़ी लोगों की स्थिति बहुत बुरी है मगर उन्होंने ये दावा भी साथ ही किया कि जितनी प्रगति देश ने पिछले पाँच-छह साल में की है उतनी प्रगति पहले नहीं हुई थी.
आडवाणी का कहना था कि इसीलिए 'फ़ीलगुड' या 'भारत-उदय' की बात कही जा रही है.
उन्होंने कहा, "हम तो कह रहे हैं कि भारत को अभी एक विकसित देश बनाना है और देश में पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है मगर इसका अर्थ ये नहीं है कि ग़रीबी ख़त्म हो गई है. "
उपप्रधानमंत्री ने कहा कि आम-आदमी के बीच सरकार की विश्वसनीयता बढ़ी है. विकास का काम बढ़ा है. लोग मानने लगे हैं कि देश अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी उभरा है.
दक्षिण भारत में पार्टी को मज़बूत बनाने की पहल के बारे में पूछे जाने पर आडवाणी ने कहा, "देश की जनता ने वाजपेयी जी का पाँच-छह साल का शासन देखा है और उनमें विश्वास बढ़ा है कि ये सरकार कुछ कर सकती है."