श्रीलंका में एलटीटीई से अलग हुए तमिल विद्रोही नेता कर्नल करूणा ने कहा है कि उनके 600 से अधिक लड़ाकों को उत्तरी श्रीलंका में निशस्त्र कर, बंदी बना लिया गया है.
बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि एक अन्य नेता पदुमन, जो एलटीटीई नेतृत्व से मिलने गए थे, अब तक वापस नहीं आए हैं.
उन्होंने आशंका जताई कि हो सकता है कि उन्हें भी बंदी बना लिया गया हो. उन्होंने कहा कि इसीलिए वे भी एलटीटीई नेतृत्व से मिलने नहीं गए.
कर्नल करुणा के समर्थन में श्रीलंका के कई शहरों में प्रदर्शन हुए हैं.
इससे पहले कर्नल करूणा ने कहा था कि उन्हें डर है कि उनकी हत्या के लिए एलटीटीई के मारक दस्ते को भी भेजा जा सकता है.
उन्हें शनिवार को एलटीटीई से निकाल दिया गया था.
शर्तों पर कायमकर्नल करुणा
कर्नल करुणा का कहना था कि श्रीलंका के संसदीय चुनावों में उनका गुट अब भी तमिल नेशनल एलाएंस के उम्मीदवारों को समर्थन करता है.
उन्होंने संकेत दिए कि वे अब भी एलटीटीई नेतृत्व के साथ काम करने के लिए तैयार हैं.
लेकिन उनकी शर्त थी कि एलटीटीई नेतृत्व उन्हें बराबरी का दर्जा दे और उनकी पहले लगाई शर्तों को माने.
उनकी शर्तों में एलटीटीई के गुप्तचर विभाग के अध्यक्ष पोट्टू अमान और दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पदों से हटाना शामिल है.
उन्होंने ज़ोर देकर स्पष्ट किया कि उनका विद्रोह उत्तरी क्षेत्र के ख़िलाफ़ नहीं बल्कि एलटीटीई नेतृत्व के पूर्वी क्षेत्र की आकाँक्षाओं पर ध्यान न देने के विरुध है.