http://www.bbcchindi.com

ब्रिटेन पंजाबियों की पहली पसंद बना

भारत के पंजाब राज्य से नौकरी के लिए पश्चिमी देशों का रूख़ करनेवालों के लिए ब्रिटेन फिर सबसे मनचाही जगह बन गया है.

पिछले अर्से में वीज़ा नियमों में छूट दिए जाने के बाद पंजाब के युवाओं में ब्रिटेन आने के लिए एक होड़ सी लग गई है.

1960 और 1970 के दशक में भी ऐसा ही कुछ हुआ था.

पिछले साल अगस्त में ब्रिटेन ने दो तरह के वर्गों के लिए वीज़ा नियमों में छूट की घोषणा की.

छूट

ब्रेटेन ने जिन वर्गों के लिए वीज़ा नियमों में रियायत दी है वे हैं- वर्किंग होलिडे मेकर्स वीज़ा (डब्ल्यू एच एम) और हाइली स्किल्ड माइग्रेन्ट प्रोग्राम वीज़ा(एचएसएमपी).

वर्किंग होलिडे मेकर्स वीज़ा ब्रिटेन और कई और देशों के बीच हुई एक व्यवस्था के तहत दिया जाता है और इसमें 17 साल से 30 साल तक की उम्र का कोई व्यक्ति दो साल तक के लिए ब्रिटेन आ सकता है और अस्थायी तौर पर काम कर सकते हैं.

हाइली स्किल्ड माइग्रेन्ट प्रोग्राम वीज़ा के तहत अपने क्षेत्रों में विशेष योग्यता रखनेवाले लोगों को वीज़ा दिया जा रहा है.

पंजाब में बैनर
न्यूज़ीलैंड के बाद अब ब्रिटेन पहली पसंद

लोगों को विदेश भेजनेवाली एक कंसल्टेंसी एजेंसी के निदेशक संदीप ओहरी का कहना है कि पहले पंजाब के लोगों की पहली पसंद न्यूज़ीलैंड हुआ करती थी मगर अब लोग ब्रिटेन जाना पसंद कर रहे हैं.

उन्होंने कहा,"न्यूज़ीलैंड में नियम कड़े हैं मगर ब्रिटेन ने वीज़ा नियमों में छूट दी है जिसके बाद पंजाबी लोगों के लिए ब्रिटेन जाना काफ़ी आसान हो गया है".

लंबी कतारें

पंजाब पहुँचने पर अक्सर इस तरह के बैनर नज़र आ जाते हैं जिनमें लोगों को ब्रिटेन के लिए वीज़ा दिलाए जाने के बारे में दावे किए जाते हैं.

ख़ासतौर से होशियारपुर, जालंधर, नवांशहर और कपूरथला में ऐसे पोस्टर और बैनर नज़र आते हैं.

संदीप ओहरी बताते हैं कि हर दिन ब्रिटेन जाने के बारे में कम-से-कम 50 से 60 लोग उनके दफ़्तर संपर्क करते हैं.

उन्होंने बताया कि हर महीने वे कम-से-कम 50 आवेदनों को ब्रिटिश उच्चायोग भेज रहे हैं और उनमें से आधे लोगों को वीज़ा मिल जा रहा है.

पैसे के लिए

ब्रिटेन जाने की ख़्वाहिश रखनेवाले अधिकतर लोग पैसा कमाने और बेहतर ज़िंदगी के लिए ब्रिटेन जाना चाहते हैं.

होशियारपुर के सरबजीत सिंह कहते हैं,"हम सात दोस्तों ने आवेदन किया है और हम कड़ी मेहनत कर दो साल बाद कमाए गए पाउंड को रूपए में बदलना चाहते हैं".

वैसे वर्किंग होलिडे मेकर्स वीज़ा के बारे में एक कंसल्टेंसी सर्विस के मैनेजर ने बताया कि इस वर्ग में अधिकतर वैसे लोग आवेदन करते हैं जो ना तो बहुत ज़्यादा पढ़े-लिखे हैं और ना ही उनमें विशेष योग्यता है.

इस संस्था से जुड़ी प्रीतिंदर सिंह ढिल्लों कहती हैं,"इस तरह के वीज़ा के लिए अगर आप फ़र्राटे से अंग्रेज़ी बोल सकें तो आपका काम बेहद आसान हो जाता है".