जसपाल भट्टी समाज और सरकार पर व्यंग्य की नई शैली देने और अपने नए कारनामों के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं.
अब उनका नया कारनामा है एक राजनीतिक पार्टी का गठन और उसे नाम दिया गया है, 'फ़ील गुड पार्टी'.
वर्षों पहले दूरदर्शन पर अपनी व्यंग्य शृंखला 'उल्टा-पुल्टा' को दर्शक आज तक नहीं भूले हैं.
अब उन्होंने राजनीतिक माहौल पर कुछ नए ही अंदाज़ में व्यंग्य का रास्ता निकाला है.
देश में चुनाव का माहौल है और भारतीय जनता पार्टी ने 'फ़ील गुड' और शाइनिंग इंडिया के नारे दिए हैं.
पार्टी का कहना है कि देश तेज़ी से विकास कर रहा है जिसकी बदौलत हर तरफ़ ख़ुशहाली ही ख़ुशहाली ही नज़र आ रही है इसलिए लोगों गुड फील यानी ख़ुशहाल महसूस करना चाहिए.
जसपाल भट्टी ने फ़ील गुड नाम से पार्टी ही बना डाली है जिसका ऐलान उन्होंने बुधवार को नई दिल्ली में किया.
इस मौक़े पर उनके अनेक साथी मौजूद थे.
प्रेरणा
पार्टी के नाम के बारे में जसपाल भट्टी का कहना था, "हमने फ़ील गुड फ़ैक्टर से प्रभावित होकर इस नाम से यह पार्टी बनाई है."
भट्टी ने कहा, "अगर फ़ील गुड फ़ैक्टर इतना प्रभावशाली हो सकता है तो इस नाम की हमारी पार्टी क्यों नहीं असरदार हो सकती?"
जसपाल भट्टी जब अपनी पार्टी के गठन का ऐलान कर रहे थे तो उनके साथी नारे लगा रहे थे- कमाल-कमाल-कमाल.
जसपाल भट्टी कहते हैं कि दरअसल फ़ील गुड फ़ैक्टर सिर्फ़ एक नारा ही है उससे ज़्यादा कुछ नहीं क्योंकि पिछले चार साल में ऐसा कुछ हुआ ही नहीं है जिससे गुड फ़ील हो.
भट्टी कहते हैं कि हालाँकि भारतीय जनता पार्टी फ़ील गुड फ़ैक्टर चुनावी नज़रिए से बता रही है लेकिन उनकी पार्टी सारा साल अपना अभियान चलाकर लोगों को महंगाई जैसी समस्याओं के बारे में जागरूक करती रहेगी.
उन्होंने कहा कि फ़ील गुड पार्टी के लिए किसी विचारधारा को आधार नहीं बनाया गया है लेकिन सदस्यता के लिए आदमी को भरपूर भोजन मिलना, स्वस्थ शरीर और मन प्रसन्न होना ज़रूरी है.
लेकिन यह पार्टी चुनावी मैदान में उतरेगी या नहीं अभी यह साफ़ नहीं है!